Edited By Kamini,Updated: 06 Oct, 2026 12:13 PM

मास्टर गुरबंता सिंह एनक्लेव (इंदिरापुरम) में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर 2 आवंटियों की शिकायत पर जिला उपभोक्ता आयोग ने जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (JIT) के खिलाफ फैसला सुनाया है।
जालंधर: मास्टर गुरबंता सिंह एनक्लेव (इंदिरापुरम) में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर 2 आवंटियों की शिकायत पर जिला उपभोक्ता आयोग ने जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (JIT) के खिलाफ फैसला सुनाया है। आयोग ने ट्रस्ट को सेवा में कोताही और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी मानते हुए दोनों आवंटियों की जमा राशि 9% सालाना ब्याज के साथ लौटाने के आदेश दिए हैं।
इसके अलावा पीड़ितों को मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च के लिए 40-40 हजार रुपए मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। 45 दिनों में भुगतान नहीं करने पर ब्याज दर बढ़कर 12% सालाना हो जाएगी। बीबी भानी फ्लैट अलॉटी एसोसिएशन के प्रधान दर्शन सिंह कहते हैं कि कई साल से लोग फ्लैट कॉम्प्लेक्स में सड़क, सीवरेज, सफाई, रोशनी के मुद्दों पर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। कॉलोनी को नेशनल हाईवे से डायरेक्टर सड़क देने का वादा पूरा न हो सका। कई साल से खाली पड़े फ्लैटों की ईमारत अब डैमेज हो चुकी है।
आयोग ने कहा कि वर्ष 2008-09 में फ्लैट आवंटित करने के बावजूद 17 साल बाद तक सड़क, बिजली, पानी और सीवरेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध न कराना और बिना कंप्लीशन सर्टिफिकेट कब्जा देना गलत है। एक मामले में न्यू विकासपुरी की इंदु ( 61) को विकास स्कीम इंदिरापुरम यानी मास्टर गुरबंता सिंह एनक्लेव के तहत फ्लैट अलॉट हुआ था जिसके लिए 3.80 लाख रुपए जमा करवाए थे। अलॉटमेंट लेटर में मई 2011 तक 45 फीट चौड़ी सड़क और बुनियादी सुविधाओं के साथ कब्जा देना तय था। मगर सालों के चक्कर काटने के बावजूद मौके पर काम नहीं हुआ, जिसके पीड़िता ने आयोग का रुख किया।
वहीं दूसरे मामले में रजनी शर्मा (62) निवासी गांव ललोई भोगपुर ने 4.37 लाख रुपए जमा किए थे। 2009 में सिर्फ कागजी तौर पर कब्जा दिया गया था। लेकिन मौके पर न तो बिजली का ट्रांसफार्मर था, न पानी-सीवरेज का कनेक्शन और न ही तय सड़कें बनी थीं। इसके साथ ही घटिया निर्माण सामग्री का भी इस्तेमाल किया गया था। आयोग ने दोनों मामलों में राशि ब्याज समेत लौटाने के आदेश दिए हैं।
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