चंडीगढ़ में सरपंच हत्याकांड में आरोपियों की शिनाख्त,सामने आया घटना के पीछे का सच

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Tuesday, April 11, 2017-2:29 PM

चंडीगढ़ (संदीप कुमार): होशियारपुर के पिंड खुर्दा के सरपंच सतनाम की सैक्टर-38 वैस्ट गुरुद्वारे के बाहर सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने 3 और हत्यारोपियों के नाम एफ.आई.आर. में शामिल कर लिए हैं। पुलिस ने इस वारदात को लेकर वायरल हुई एक वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर सतनाम के परिजनों द्वारा पहचाने गए 3 आरोपियों के नाम शामिल हैं। वीडियो में सतनाम की हत्या करने वालों की पहचान परिवार के सदस्यों ने दिलप्रीत, हरिंद्र सिंह रिंदा और हरिंद्र उर्फ आकाश के तौर पर की है। पुलिस पहले से ही तीरथ, बॉबी, अर्शदीप व एक अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर चुकी है। पुलिस ने सोमवार को पी.जी.आई. में सतनाम के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।  

कार का नंबर फर्जी
सतनाम की हत्या करने आरोपी जिस कार में आए थे, उसका नम्बर सतनाम के भाई प्रिंस और जानकारों ने पुलिस को दिया था। जांच में पता चला है कि यह नंबर फर्जी था।  पुलिस के हाथ एक मोबाइल वीडियो लगा है जिसमें 3 हत्यारोपी सतनाम पर लोहे की रॉड हमला करते और राइफल से गोली दागते नजर आ रहे हैं। इसके आधार पर ही सतनाम के परिजनों ने इसमें दिखने वाले हमलावरों की पहचान करते हुए उनके नाम पुलिस को बताए हैं। सतनाम के भाई प्रिंस ने बताया की वीडियो में जो लोग सतनाम को मार रहे हैं उनके नाम दिलप्रीत, हरिंद्र सिंह रिंदा और हरिंद्र उर्फ आकाश है। हरिंद्र सिंह रिंदा चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस का वांटेड है। पी.यू. में हुए गोलीकांड में पुलिस को उसकी तलाश है। पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार रुपए के ईनाम की घोषणा कर रखी है। वहीं पंजाब में भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।

सुपारी किलिंग के लगाए आरोप 
प्रिंस ने बताया की उसके भाई की हत्या साजिश के तहत की गई है। हत्या करने वाले आरोपियों ने पहले उनके गांव और उन सभी जगहों की रैकी की जहां पिछले दिनों सतनाम जा रहा था। सतनाम के संगत को लेकर सैक्टर-38 गुरुद्वारे में माथा टेकने के लिए आने की बात का पता चलने पर वे यहां आए थे। प्रिंस ने बताया कि हत्यारों का पंजाब के एक गिरोह से भी संबंध है। इस गिरोह के सदस्यों ने हाल ही में पंजाब के विभिन्न स्थानों पर कई हत्या की वारदातों को अंजाम दिया है।

हत्या करने का इरादा या दहशत फैलाने की थी मंशा  
पुलिस इस असमंजस में है कि क्या हत्यारों ने सतनाम की हत्या करने के इरादे से ही हमला किया था या फिर वे सिर्फ उसे बुरी तरह से घायल कर उसके दिमाग में दहशत बैठाना चाहते थे। जिस तरह से हत्यारों ने सरेआम सतनाम पर एक के बाद एक गोलियां दागी हैं, उससे लगता है कि वे उसकी हत्या करने ही आए थे लेकिन जब इस बात पर ध्यान दिया जाता है कि उन्होंने सतनाम के हाथ और पैर पर गोलियां मारी हैं। उससे यह भी लग रहा है कि वे केवल उसे बुरी तरह से घायल करने के लिए आए थे। 

कनाडा से भाई आने के बाद होगा अंतिम संस्कार 
प्रिंस ने बताया कि उनका एक भाई जंग बहादुर कनाडा में रहता है। उसे सतनाम की हत्या के बारे में जानकारी दे दी गई है। वह इंडिया आने की तैयारी कर चुके हैं। जंग बहादुर 12 अप्रैल को गांव में पहुंचेगा। इसके बाद ही सतनाम का अंतिम संस्कार किया जाएगा। 

1993 से चल रही है दुश्मनी  
सतनाम के चचेरे भाइयों ने बताया कि उनके परिवार से यह दुश्मनी कई साल से चल रही है। सतनाम के पिता सम्पूर्ण सिंह भी बरसों पहले गांव में हुए एक कत्ल के मामले में गवाह थे। उनकी भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी कि वे गवाही न दे सकें। तब यह दुश्मनी इसी तरह बरकरार है। पहले सतनाम के भाई निशान और अब सतनाम की हत्या की गई है। 
 

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