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रियल एस्टेट पॉलिसी को लगातार झटके से बैकफुट पर एन.आर.आई.

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Friday, February 09, 2018-9:09 AM

जालंधर (अमित): पंजाब सरकार की रियल एस्टेट को लेकर कोई पुखता पॉलिसी न होना और रोजाना नए से नए फरमान जारी करने से एन.आर.आई. (विदेशों में बैठे पंजाबी) भी डर गए हैं। रियल एस्टेट को लेकर जिस तरह से रोजाना पंजाब सरकार की ओर से कोई न कोई फरमान जारी किया जा रहा है, वह न तो यहां रहने वालों को रास आ रहा है और न ही एन.आर.आई. को।  एन.आर.आई. पंजाब में अब तो इन्वैस्टमैंट तक करने से डरने लगा है। यही नहीं जिन एन.आर.आई. ने इन्वैस्टमैंट के लिए पंजाब में जमीन खरीदी थी, वे उसे औनेपौने दाम पर बेचने को मजबूर हो गए हैं। वे किसी भी तरह से अपने फंसे हुए पैसे को निकाल कर यहां से निकलना चाहते हैं। 1-2 महीने से शुरू हुए प्रापर्टी कारोबार में बहुत बड़ी गिनती में एन.आर.आई. निवेश भी हुआ था। मगर एकदम से आए एन.ओ.सी. के पचड़े ने एन.आर.आइज का निवेश फंसाकर रख दिया है। 

 

कोई पॉलिसी न होने की वजह से पंजाब सरकार के लिए भी भविष्य में यह खतरे की घंटी है। बाहर से आने वाली यही इन्वैस्टमैंट पंजाब में विकास के कामों में खर्च होनी थी। मगर जिस तरह से पंजाब में आने से एन.आर.आई. डर गया है, उससे अब पंजाब में कोई नई इन्वैस्टमैंट नहीं आ पाएगी और पहले से ही बुरी आर्थिक स्थिति से जूझ रही पंजाब सरकार के लिए आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होगी।   दोआबा, जिसे खास तौर पर एन.आर.आई. बैल्ट कहा जाता है और कई इलाके ऐसे हैं, जहां लगभग हर घर से कोई न कोई सदस्य विदेश में सैटल हुआ है, यहां अधिकतर एन.आर.आई. रियल एस्टेट में इन्वैस्ट करना पसंद करते थे, मगर अब हालात यह बन गए हैं कि अगर कोई उनसे थोड़े पैसे भी इन्वैस्ट करने के लिए कहता है तो वह साफ तौर पर मना करने लगे हैं। अगर प्रदेश की कांग्रेस सरकार जल्दी ही इसे गंभीरता से नहीं लेती तो उसके  दूरगामी परिणाम सामने आएंगे, इसलिए जितनी जल्दी हो सके, रियल एस्टेट को लेकर कोई ठोस पॉलिसी जनता को समर्पित करनी चाहिए, ताकि हर वर्ग को उसका लाभ प्राप्त हो सके। 

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