पावरकॉम के कर्मचारी नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर

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Monday, July 17, 2017-7:57 AM

लुधियाना (सलूजा): पावरकॉम की मैनेजमैंट की तरफ से यह बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं कि उपभोक्ताओं को डोर स्टैप पर बेहतर से बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएगी। लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। उपभोक्ताओं को सुविधाएं देना तो दूर की बात है, बिजली मुलाजिम नरकीय माहौल में काम करने को मजबूर है। हालात यह है कि इस उमस भरे मौसम में बिजली बिल की अदायगी हेतु व अन्य किसी काम के सिलसिले में पावरकॉम के ऑफिस आने वाले उपभोक्ताओं को पीने के लिए पानी तक नसीब नहीं होता।

जब पंजाब केसरी की टीम ने पावरकॉम के चीमा चौक बिजली आफिस का दौरा कर जायजा लिया तो वहां पर वॉटर कूलर की हालत देख कर दंग रह गए। कूलर के इर्द-गिर्द इस हद तक काई जमी हुई थी जैसे पिछले कई महीनों से इसकी सर्विस तक नहीं करवाई गई हो। कूलर के आस-पास मक्खियां भिनभिना रही थी। 

टॉयलेट लॉक
जिस स्टोर में फाइलों का स्टाक रखा हुआ है, वहां पर तो दरवाजा टूटा हुआ है और यह स्टोर भगवान के आसरे पर छोड़ रखा है जबकि टॉयलेट को कोई नुक्सान न हो, इसके प्रति बिजली विभाग के अधिकारी व मुलाजिम इतने गंभीर हैं कि उन्होंने इसको लॉक लगा कर रखा हुआ है। बिजली बिलों का भुगतान व अन्य कामकाज के लिए आने वालें उपभोक्ताओं को टॉयलेट के लॉक रहने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

गंदगी से भरे कूलर उठा रहे कई सवालिया निशान
एक तरफ तो सरकार का सेहत विभाग हर स्तर पर इस बात के लिए जोर लगा रहा है कि कहीं पर भी गंदगी न रहें। इसी मुहिम के तहत बकायदा एक चैकिंग मुहिम चला कर उन लोगों के चलान भी काटे जाते हैं जिनके घरों के कूलरों में लारवा मिलता है। कई सरकारी विभागों की भी चैकिं ग होती है। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि पावरकॉम के चीमा चौक स्थित इस बिजली ऑफिस में लगे कूलरों पर आज तक सेहत विभाग की क्यों नहीं नजर पड़ी। कूलरों की हालत यह है कि इनको जंग खा चुका है। 

बिजली आफिस में नंगी तारों के जाल
क्वालिटी भरपूर बिजली सप्लाई सिस्टम देने का ऐलान करने वाले पावरकॉम के इस आफिस के अंदर जगह-जगह पर नंगी बिजली के तारों के जाल सारी कहानी खुद ही बयान करते हैं। इन नंगी तारों से किसी भी समय किसी को भी करंट लग सकता है।

क्या कहते हैं एक्सियन
ऑफिस की खस्ता हालत के बारे में जब एक्सियन हरजीत सिंह गिल से बात की तो उन्होंने केवल इतना ही कहा कि जल्द ही मुरम्मत करवा देंगे। 

क्या कहते हैं चीफ इंजीनियर
पावरकॉम केन्द्रीय जोन के चीफ इंजीनियर एन.एस. बोपाराय ने बताया कि विभाग के जिन भी आफिसों की बिल्डिंगों की इस समय हालत खस्ता है, उनकी एक सूची बना कर पावरकॉम मैनेजमैंट के पास भेज दी गई हैं। मुरम्मत के लिए फंड रिलीज होते ही काम शुरू हो जाएगा। 

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