प्रतिष्ठित कॉलेज व स्कूलों की दर्जन बसें बंद

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Wednesday, April 19, 2017-10:27 AM

अमृतसर(स.ह.): जिला प्रशासन व ‘पंजाब केसरी’ की तरफ से चलाए जा रहे सेफ स्कूल वैन सेव चाइल्ड अभियान के तहत जहां पूरे जिले में डी.सी. की तरफ से बनाई गई ज्वाइंट टीम छापेमारी कर रही है।  वहीं जिला परिवहन विभाग ने भी लगातार चेतावनी देने के बाद अब हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने वाली स्कूल वैन्स, बसों व ऑटोज को बंद करना शुरु कर दिया है। 

जानकारी के अनुसार डी.टी.ओ. कंवलजीत सिंह की टीम ने माननीय हाई कोर्ट, कमीशन फॉर प्रोटैक्शन ऑफ चाइल्ड सेफ्टी, सी.बी.एस.ई. की तरफ से जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वाली एक दर्जन स्कूल बसों व ऑटोज को बन्द कर दिया है। जिन बसों को जब्त किया गया है वह महानगर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज व स्कूलों की बसें हैं जो अपने छात्रों से हर वर्ष भारी-भरकम फीस भी वसूलते हैं लेकिन सुविधा के नाम पर ट्रांसपोर्टेशन में बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते हैं। परिवहन विभाग की टीम ने चैकिंग दौरान स्कूल बसों में सवार छात्रों को उतारने के बाद बसों को पुलिस थानों में बन्द कर दिया।परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से स्कूल वैन्स चालकों में अफरा-तफरी का माहौल है और हड़ताल की भी योजना बनाई जा रही है ताकि अभिभावकों व प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके।

राजनीतिक दबाव में सख्त कार्रवाई नहीं कर पा रहा प्रशासन 

अमृतसर जिले में परिवहन विभाग व जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई ज्वाइंट टीम ने 202 स्कूल वैन्स बंद की थीं। 300 से ज्यादा चालान भी काटे जा चुके हैं लेकिन अभी भी राजनीतिक दबाव के कारण ज्वाइंट टीम वैसी कार्रवाई नहीं कर पा रही है जो होनी चाहिए। बाहरी राज्यों से अमृतसर लाई गई दिल्ली, यू.पी., एम.पी., राजस्थान व अन्य राज्यों की बसों को बन्द नहीं करने दिया जा रहा है और न ही स्वतंत्रता से स्कूल बसों की चैकिंग करने दी जा रही है जबकि दुर्घटना होने के मामले में हाई कोर्ट, चाइल्ड सेफ्टी कमीशन व सी.बी.एस.ई. तक ने स्कूल प्रमुखों व अभिभावकों को सीधे तौर पर जिम्मेवार बनाया है लेकिन राजनीतिक दबाव में अधिकारियों को सख्त कार्रवाई नहीं करने दी जा रही है। एक रिटायर्ड अधिकारी ने बताया कि परिवहन विभाग को आजाद कर दिया जाए तो एक सप्ताह में अवैध व कानून का उल्लंघन करने वाली स्कूल वैन्स को बंद किया जा सकता है। 

फाइव सीटर ऑटो में 25 बच्चे ले जा रहा ऑटो जब्त
आमतौर पर परिवहन विभाग सिर्फ उन स्कूल वैन्स व बसों को रजिस्टर्ड करता है जिसमें 10 से ज्यादा सीटें होती हैं लेकिन जिला अमृतसर में देखने में आया है कि फाइव सीटर आदि में भी स्कूल के बच्चों को ठूंस-ठूंस कर भरा जाता है और बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज करते हुए उनकी ढुलाई की जा रही है। आज परिवहन विभाग की टीम ने एक ऐसा ही ऑटो भी बन्द किया जो था तो 5 सीटर परन्तु उसमें 25 बच्चे सवार थे और बड़ी मुश्किल से ये बच्चे 44 डिग्री तापमान में एक-दूसरे के साथ जुड़कर बैठे हुए थे।

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