राज्य भर के अध्यापकों का ऐलान ‘अधिकार बहाली नहीं-तो घर वापसी नहीं’

Edited By Sunita sarangal,Updated: 24 Nov, 2021 09:42 AM

rally on 25 december in all over punjab by teachers

मीटिंग में कंप्यूटर अध्यापकों ने बताया कि 1 जुलाई 2011 से तत्कालीन बादल सरकार द्वारा उन्हें कंप्यूटर मास्टर के ग्रेड-पे के साथ पड़ाव दर पड़ाव रेगुलर.......

लुधियाना(विक्की) : आज राज्य भर के कंप्यूटर अध्यापकों की एक महत्त्वपूर्ण मीटिंग ऑनलाइन हुई जिसमें राज्य सरकार द्वारा उनके अधिकारों की बहाली न करके उनके साथ से की जा रही नाइंसाफी के खिलाफ संघर्ष को ओर तेज करने और 25 नवंबर को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय रैली करने का ऐलान भी किया गया। इस मीटिंग में प्रांतीय अध्यक्ष गुरविंदर सिंह तरनतारन, राज्य कमेटी सदस्य अरुणदीप सिंह सैदपुर, परमिंदर सिंह घुमाण, रविइन्दर सिंह, हरजीत सिंह संधू, अनिल ऐरी, परमिंदर सिंह भुल्लर, अमरदीप सिंह मोगा, हरमिंदर सिंह संधू, एकओंकार सिंह, गुरप्रीत सिंह टौहडा सहित पंजाब की समस्त स्टेट कमेटी ने विशेष तौर पर शिरकत की और मीटिंग को संबोधित किया।

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एक दशक से अधिकारों की बहाली के इंतजार में
मीटिंग में कंप्यूटर अध्यापकों ने बताया कि 1 जुलाई 2011 से तत्कालीन बादल सरकार द्वारा उन्हें कंप्यूटर मास्टर के ग्रेड-पे के साथ पड़ाव दर पड़ाव रेगुलर किया गया था। उनके रेगुलर ऑर्डर्स में यह स्पष्ट लिखा गया है कि उन पर पंजाब सरकार के सिविल सेवाओं वाले सभी नियम और शर्तें लागू होंगी परन्तु सरकार के साथ-साथ अफसरशाही द्वारा उनसे लगातार एक दशक से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है और एक-एक कर उनके सभी लाभ रोक दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि न उन्हें मेडिकल रीइंबर्समेंट जैसी जरूरी सुविधा दी जा रही है और न ही उन्हें एसीपी का लाभ दिया गया है। उन्होंने बताया कि जहां राज्य सरकार के बाकी सभी कर्मचारियों को इंटरिम रिलीफ का 5% वेतन के वृद्धि के रूप में लाभ दिया गया, वहीं कंप्यूटर अध्यापकों को इससे भी पिछले 5 वर्षों से वंचित रखा गया है। उन्होंने बताया कि अब छठे पे कमिशन को लेकर भी विभाग द्वारा टालमटोल वाली नीति अपनाई जा रही है जिसे लेकर राज्य भर के कंप्यूटर अध्यापकों में रोष पाया जा रहा है।

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संघर्ष ही आखिरी रास्ता
कम्प्यूटर अध्यापकों ने बताया कि पिछले एक दशक से उन्होंने हर माध्यम के द्वारा सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई है। विभिन्न शिक्षा मंत्रियों के साथ-साथ वह वित्त मंत्री और विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर चुके हैं और उन्हें हर बार केवल यही सुनने को मिलता है कि उनकी फाइल भेजी गई है। उन्होंने कहा कि 10 वर्षों में उनकी भेजी हुई फाइल का कोई अता-पता नहीं है और अब राज्य भर के कंप्यूटर अध्यापक सरकार की इस बहानेबाजी से ऊब चुके हैं और उनके पास अब तीखे संघर्ष के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचता। इसलिए कंप्यूटर अध्यापक यूनियन पंजाब के आह्वान पर 25 दिसंबर को चंडीगढ़ में होने वाली राज्य भर के कंप्यूटर अध्यापक राज्य स्तरीय रैली में शामिल होंगे और तब तक घर नहीं लौटेंगे जब तक उनके सभी अधिकार बहाल नहीं हो जाते। उन्होंने अपनी मांगों बारे बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार से केवल एक ही मांग है कि सभी कंप्यूटर अध्यापकों को बिना शर्त सभी लाभों सहित शिक्षा विभाग में मर्ज किया जाए।

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