सहकारिता व खेतीबाड़ी विभाग में कई पद खाली, किसान परेशान

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Wednesday, September 13, 2017-10:53 AM

जीरा/फिरोजपुर(अकालियां वाला) : सरकार द्वारा किसानों को बनती सहूलियतें देने की बात अक्सर ही की जाती है। केन्द्र सरकार तो आते 5 वर्षों तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का राग अलाप कर रही है लेकिन फिरोजपुर जिले में खेतीबाड़ी से सबंधित सहकारिता विभाग तथा खेतीबाड़ी विभाग में कई पद रिक्त होने कारण किसानों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।अगर वैसे भी सरकारों की बयानबाजी को देखा जाए तो वह सरहदी जिलों को पहल के आधार पर सहूलियतें देती हैं लेकिन सरहदी जिले फिरोजपुर में कई पद रिक्त होने के कारण किसानों व अन्य वर्गों के लिए समस्या खड़ी हो सकती है। इस संबंधी तिलक राज नरूला अध्यक्ष शैलर एसोसिएशन और आढ़ती हनि जैन का कहना है कि किसानी से 80 प्रतिशत लोगों का कारोबार जुड़ा हुआ है तथा दोनों विभाग किसानी से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। अगर न विभागों में पदों को नहीं भरा तो किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पंजाब सरकार जल्द ही इन खाली पदों को भरे ताकि किसानी से जुड़े ये विभाग बढिय़ा सेवाएं दे सकें।

26 इंस्पैक्टरों के पद खाली होने के चलते रुका पड़ा है सभाओं का काम
जिले में 141 खेतीबाड़ी सहकारी सभाएं हैं जिनके कामकाज को देखने के लिए 26 इंस्पैक्टरों के पद खाली पड़े हैं लेकिन इन पदों पर कोई भी इंस्पैक्टर तैनात नहीं है। सहकारी सभाएं किसी भी सामान को खरीदने के लिए सहकारिता विभाग के इंस्पैक्टर से मंजूरी लेती हैं। एक इंस्पैक्टर 7-8 सभाओं का कामकाज देखता है, लेकिन इंस्पैक्टरों की कमी होने के कारण सभाओं का काम रुका पड़ा है।

समय सीमा कर्जे बनाने के लिए पड़ती है इंस्पैक्टर की जरूरत
सभाओं से जो भी नए किसान जुड़ते हैं उनको खाद नकदी व अन्य सामग्री देने के लिए प्रति एकड़ के मुताबिक हद कर्जा तय होता है। नए हद कर्जे के लिए इंस्पैक्टर के हस्ताक्षर की जरूरत पड़ती है लेकिन ऐसा न होने कारण किसानों में भी रोष है। सहकारी सभाएं जिन एजैंसियों से खाद इत्यादि खरीदती हैं उनसे भुगतान करने के लिए दिया जाने वाले चैक भी इंस्पैक्टर द्वारा अपने हस्ताक्षर में जारी किए जाते हैं।

नकली कीटनाशक दवाइयों के कई मामले आ रहे सामने
पंजाब में नकली कीटनाशक दवाइयों के कई मामले सामने आ रहा हैं। किसानों द्वारा बार स्प्रे करने के बावजूद भी फसलों का नुक्सान होने से नहीं रुक रहा। दवाइयां बीज, खाद आदि की क्वालिटी को कंट्रोल करने का भी काम तथा उसकी जांच करने का काम खेतीबाड़ी विभाग द्वारा किया जाता है। जिस भी कृषि दवाइयों का काम करने वाले दुकानदार के सैंपल फेल हो जाते हैं उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मुख्य कृषि अधिकारी द्वारा निर्देश जारी किए जाते हैं लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
 

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