कैप्टन की बनाई STF पर SSP मोगा ने उठाया सवाल

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Wednesday, November 29, 2017-11:14 AM

जालंधर(रविंदर शर्मा): मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह की ओर से गठित स्पैशल टास्क फोर्स के कामकाज पर एस.एस.पी. मोगा राजजीत सिंह ने सवाल उठाया है। बर्खास्त इंस्पैक्टर इंद्रजीत सिंह ड्रग केस में चार्जशीट पेश होते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। चार्जशीट में स्पैशल टास्क फोर्स की ओर से एस.एस.पी. राजजीत सिंह को भी पार्टी बनाया गया है। चार्जशीट में खुद का नाम आने पर राजजीत सिंह भड़क गए हैं और उन्होंने एस.टी.एफ. चीफ हरप्रीत सिंह सिद्धू पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह जानबूझ कर इस केस में उन्हें फंसाना चाहते हैं। 2 पुलिस अधिकारियों के आमने-सामने आने से पुलिस फोर्स में टकराव की संभावना बढ़ गई है।

इन्द्रजीत को अपने साथ ही तैनात रखने का है आरोप
गौर हो कि 12 जून 2017 को स्पैशल टास्क फोर्स ने छापामारी कर इंस्पैक्टर इंद्रजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। इंद्रजीत सिंह के पास से ए.के.-47 समेत कई अवैध हथियार और भारी मात्रा में नशा भी बरामद हुआ था। आरोप था कि खाकी वर्दी में रहते हुए इंस्पैक्टर इंद्रजीत सिंह ड्रग माफिया के हाथों की कठपुतली था और रा’यभर में वह ड्रग माफिया के साथ मिलकर नशे का धंधा चला रहा था। कई सबूतों के बाद एस.टी.एफ. ने उस पर शिकंजा कसा था। बाद में इंस्पैक्टर इंद्रजीत सिंह को पंजाब सरकार ने बर्खास्त कर दिया था। जांच के बाद एस.टी.एफ. का कहना था कि जहां-जहां राजजीत सिंह की बतौर एस.एस.पी. तैनाती हुई वहीं-वहीं राजजीत ने इंस्पैक्टर इंद्रजीत सिंह को अपने पास रखा था। बाद में एस.टी.एफ. ने राजजीत सिंह से पूछताछ भी की थी। 

एडीशनल चीफ सैक्रेटरी ने डी.जी.पी. से मांगी टिप्पणी
कुछ दिन पहले ही एस.टी.एफ. ने इंस्पैक्टर इंद्रजीत ड्रग केस में मोहाली की अदालत में चार्जशीट फाइल की थी जिसमें नाम आते ही राजजीत सिंह ने एडीशनल चीफ सैक्रेटरी (गृह) निर्मलजीत सिंह कलसी को 2 पन्नों की चिट्ठी लिख डाली जिसमें एस.टी.एफ. चीफ हरप्रीत सिंह सिद्धू पर आरोप लगाया कि वह जानबूझ कर निजी रंजिश के चलते उनकी छवि को खराब करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने एस.टी.एफ. की ओर से दर्ज इस केस की जांच किसी निष्पक्ष एजैंसी से करवाने की मांग रखी है। एडीशनल चीफ सैक्रेटरी (गृह) निर्मलजीत सिंह कलसी ने मीमो नंबर 2/81/2017-1ग1/&814 के जरिए डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा को टिप्पणी देने के लिए कहा है। डी.जी.पी. की टिप्पणी के बाद यह मामला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह के पास भेजा जाएगा और अंतिम फैसला मुख्यमंत्री को ही करना होगा। गौर हो सरकार के गठन से पहले ही कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की बात कही थी। सरकार बनते ही कैप्टन ने पहला काम स्पैशल टास्क फोर्स के गठन का किया था। 

तथ्यों के आधार पर हुई कार्रवाई : सिद्धू
एस.टी.एफ. चीफ हरप्रीत सिंह सिद्धू का कहना है कि इंद्रजीत सिंह के खिलाफ दर्ज मामले में पूरी पेशेवर तरीके से जांच की गई। अगर जांच के दौरान किसी अन्य अधिकारी का नाम आया है तो वह भी पूरी तरह से तथ्यों के आधार पर है और उनकी किसी के साथ कोई निजी रंजिश नहीं है। 

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