सरकारी बसों में सफर करने वालों के लिए जरूरी खबर, यूनियन ने किया बड़ा ऐलान

Edited By Kalash,Updated: 15 Oct, 2026 04:21 PM

government buses punjab

पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने नवांशहर बस स्टैंड पर एक गेट ​​रैली का आयोजन किया।

नवांशहर (त्रिपाठी): पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने नवांशहर बस स्टैंड पर एक गेट ​​रैली का आयोजन किया। यह रैली राज्य भर के अलग-अलग डिपो पर हो रहे ऐसे विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा थी, जिसके जरिए कर्मचारियों ने अपनी मांगें उठाईं। इस दौरान कर्मचारियों ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि इस संघर्ष के हिस्से के रूप में वे 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे, विधानसभा सेशन के दौरान विरोध करेंगे और मुख्यमंत्री के घर के बाहर पक्का धरना देंगे।

रैली के दौरान डिपो प्रधान नरिंदर पंडोरी ने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कर्मचारियों से बड़े-बड़े वादे करके सत्ता में आई थी, लेकिन मौजूदा सरकार इन वादों को पूरा करने में पूरी तरह असफल रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में एक भी कर्मचारी को पक्का नहीं किया गया है और न ही रोडवेज के बेड़े में कोई नई बस जोड़ी गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ठेका प्रणाली के जरिए कर्मचारियों का शोषण कर रही है और किलोमीटर स्कीम के जरिए विभाग के खजाने को नुकसान पहुंचा रही है।

पंडोरी ने बताया कि पनबस कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार के साथ 70 से 75 मीटिंग होने के बाद भी उनके मसले हल नहीं हुए हैं। कुलविंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि सरकार ने “2026 एक्ट” के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को इकरारनामा आधारित दर्जा देने की योजना बनाई थी पर अब इस पहलकदमी को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है और सरकार बस समय काट रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो कर्मचारी एक दशक से ज्यादा समय से ठेके पर काम कर रहे हैं, वे पक्के होने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को बार-बार नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि जो कर्मचारी अपने हक बचाने और विभाग के निजीकरण को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे हैं उन्हें  पुलिस केस के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार बिना किसी देरी के “2026 बिल” के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड स्टेटस दे और जो पहले से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं उन्हें पक्का किया जाए, उनके लिए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें तुरंत नहीं मानी गईं और लागू नहीं की गईं, तो कर्मचारी प्रशासन के खिलाफ कड़ा संघर्ष करने को मजबूर होंगे। उन्होंने ऐलान किया कि इस संघर्ष के तहत वे 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे, विधानसभा सेशन के दौरान विरोध प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री के घर के बाहर पक्का धरना देंगे।

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