Gurdaspur: पराली जलती देख खुद खेत में पहुंचे DC आदित्य, दी सख्त चेतावनी

Edited By Kamini,Updated: 20 Oct, 2026 06:18 PM

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जिले में धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए डिप्टी कमिश्नर आदित्य उप्पल खुद खेत में गए और श्री हरगोबिंदपुर साहिब, कादियां और बटाला इलाके के गांवों का दौरा किया।

गुरदासपुर (हरमन): जिले में धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए डिप्टी कमिश्नर आदित्य उप्पल खुद खेत में गए और श्री हरगोबिंदपुर साहिब, कादियां और बटाला इलाके के गांवों का दौरा किया। इस दौरान खेत में पराली में आग लगी देखकर वह तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाई और किसानों से पराली न जलाने की अपील की। ​​उन्होंने साफ किया कि पराली मैनेजमेंट के लिए जिले में जरूरी खेती की मशीनरी उपलब्ध करा दी गई है और नियमों का उल्लंघन कर फसल के अवशेष जलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस मौके पर SDM बटाला सारंगप्रीत सिंह औजला और चीफ एग्रीकल्चर ऑफिसर गुरदासपुर डॉ. शाहबाज सिंह चीमा भी मौजूद थे। डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से बातचीत करते हुए कहा कि जिले के कई किसान पराली मैनेजमेंट के लिए बेलर मशीनों की मदद से पराली की गांठें तैयार कर रहे हैं, जो एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि दूसरे किसानों को भी ऐसे किसानों से गाइडेंस लेनी चाहिए और पराली का सही मैनेजमेंट करना चाहिए।

डिप्टी कमिश्नर ने खास तौर पर अपील की कि बेलर से पराली की गांठें बनाने के बाद खेतों में बचे बचे अवशेष को न जलाएं। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है और जमीन की उपजाऊ शक्ति पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए किसानों को पर्यावरण बचाने और खेती में लंबे समय तक सुधार को ध्यान में रखते हुए पराली जलाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने गांवों में पराली मैनेजमेंट के लिए जरूरी खेती की मशीनरी दी है, ताकि किसानों को पराली निपटाने में किसी तरह की दिक्कत न हो। इसके साथ ही, जिले के सभी SDM, पुलिस अधिकारी, क्लस्टर और नोडल अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों से मिल रहे हैं और उन्हें पराली न जलाने और मौजूद मशीनरी का इस्तेमाल करने के लिए मोटिवेट कर रहे हैं।

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की तरफ से जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी है। इसके बावजूद अगर कोई किसान फसल अवशेष जलाता है, तो उसके खिलाफ नियमों के मुताबिक सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करें और पराली मैनेजमेंट के सही तरीके अपनाएं।

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