सामूहिक अवकाश लेकर कर्मचारियों ने गुरदासपुर में किया जोरदार प्रदर्शन, सरकारी दफ्तरों से लेकर स्कूल-कॉलेजों तक कामकाज ठप

Edited By Kalash,Updated: 21 Oct, 2026 05:35 PM

employees protest

पंजाब मुलाजिम एवं पेंशनर सांझा फ्रंट और सांझा मुलाजम मंच की तालमेल कमेटी के आह्वान पर आज जिला गुरदासपुर के विभिन्न विभागों के कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और मोहल्ला क्लीनिकों में कामकाज ठप रहा।

गुरदासपुर (हरमन): पंजाब मुलाजिम एवं पेंशनर सांझा फ्रंट और सांझा मुलाजम मंच की तालमेल कमेटी के आह्वान पर आज जिला गुरदासपुर के विभिन्न विभागों के कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और मोहल्ला क्लीनिकों में कामकाज ठप रहा। कर्मचारी संगठनों ने सामूहिक अवकाश लेकर किए गए बंद को सफल करार दिया। विभिन्न कर्मचारी संगठनों के सदस्यों ने सामूहिक अवकाश लेकर डिप्टी कमिश्नर कार्यालय गुरदासपुर के सामने विशाल रैली की। इसके बाद रोष मार्च निकालते हुए जहाज चौक पहुंचकर पंजाब सरकार का पुतला फूंका।

रैली को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं रघबीर सिंह बडवाल, कुलदीप पुरोवाल, अश्वनी फज्जूपुर, सोम सिंह, रविंदरजीत सिंह पन्नू, गुरिंदर सिंह सिद्धू, ओंकार सिंह, लवप्रीत सिंह रोड़ावाली, संजीव सैनी, बलविंदर उदीपुर, हरजिंदर सिंह वडाला बांगर, पलविंदर सिंह रंधावा, लखविंदर सिंह गुराया, लखविंदर सिंह भौड़, मैडम बलविंदर कौर, दिलबाग सिंह पड्डा, अनिल कुमार लाहौड़िया, गुरप्रीत सिंह रंगीलपुर, गुरपिंदर सिंह, राजसुखविंदर सिंह, हरपाल सिंह, विनोद कुमार, मुरारी लाल शर्मा, अमरजीत सिंह सैनी, चंचल सिंह, प्रेम कुमार, तेजिंदर सिंह साह, राम सिंह, सावन सिंह, दिलदार सिंह और इमैनुएल नाहर ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा कर रही है। इसी के विरोध में कर्मचारियों को हड़ताल कर सामूहिक बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार 10 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किस्तें जारी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, एसीपी योजना और सभी भत्ते बहाल करने, कंप्यूटर एवं एसोसिएट अध्यापकों को शिक्षा विभाग में शामिल करने, मिड-डे मील, आशा और आंगनवाड़ी वर्करों के वेतन में बढ़ोतरी करने तथा पेंशनरों का गुणांक 2.59 करने की मांगें लंबे समय से उठाई जा रही हैं।

इसके अलावा मोहल्ला क्लीनिक कर्मचारियों को नियमित करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, विभागों का निजीकरण बंद करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 वापस लेने, 15 जनवरी 2015 और 17 जुलाई 2020 के पत्रों को रद्द करने तथा मेरिटोरियस और एनएसक्यूएफ अध्यापकों को नियमित करने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पंजाब सरकार ने उनकी मांगों का समाधान नहीं किया तो राज्य नेतृत्व के आह्वान पर संघर्ष को और तेज किया जाएगा। तालमेल कमेटी के अनुसार, आज के विरोध के बाद अगले दिन भी संस्थान बंद रहेंगे।

इस मौके पर गुरदित्त सिंह, रजनी प्रकाश, रशपाल उदोके, सतनाम सिंह, गगनदीप सिंह, मैडम अमन, राधा, रजनी संधू तरीजा नगर, राज कुमार, सतिंदरजीत, सिमरनजीत सिंह, मनजीत सिंह, राकेश कुमार तिब्बड़, रमेश खूंडा, पंजाब सिंह, करमजीत सिंह, मनजिंदर सिंह, रोशन सिंह, रवेल कुमार, मैडम सुरेखा, विपन कुमार बेरी, ननीत शर्मा, राहुल महाजन, जीत राज और सुखदेव सिंह कलेर सहित जिले के विभिन्न विभागों की कर्मचारी एवं पेंशनर संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।

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