Edited By Kalash,Updated: 18 Oct, 2026 01:47 PM

बेटी के घर जागरण में शामिल होकर खुशियां मनाने के बाद अपने घर लौट रहे एक दंपति का सफर उस समय मातम में बदल गया, जब मुकेरियां–गुरदासपुर मुख्य मार्ग पर पुराना शाला चौक के पास हुए सड़क हादसे में 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई
पुराना शाला/ गुरदासपुर (हरमन): बेटी के घर जागरण में शामिल होकर खुशियां मनाने के बाद अपने घर लौट रहे एक दंपति का सफर उस समय मातम में बदल गया, जब मुकेरियां–गुरदासपुर मुख्य मार्ग पर पुराना शाला चौक के पास हुए सड़क हादसे में 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति घायल हो गया। मृतका की पहचान कमलजीत कौर पत्नी तरसेम सिंह, निवासी चौकी बरियार, गुरदासपुर के रूप में हुई है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कमलजीत कौर अपने पति तरसेम सिंह के साथ एक्टिवा स्कूटर पर मुकेरियां की ओर से गुरदासपुर आ रही थी। जब वे पुराना शाला बाजार के पास पहुंचे तो पीछे से आ रहे एक टिप्पर की चपेट में आ गए। हादसा इतना भयानक था कि कमलजीत कौर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका पति घायल हो गया। जानकारी के अनुसार घायल तरसेम सिंह की हालत स्थिर बताई जा रही है।
बेटी के घर से खुशी-खुशी विदा हुई मां, घर पहुंचने से पहले ही थम गई सांसें
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह है कि कमलजीत कौर अपने पति के साथ गांव नौशहरा पत्तन में अपनी बेटी के घर आयोजित जागरण में शामिल होने के बाद वापस लौट रही थी। परिवार के सदस्यों के अनुसार उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि खुशियों से भरा यह सफर उनके जीवन का सबसे बड़ा दुख बन जाएगा। मां की मौत की खबर सुनते ही मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस मां के घर लौटने का इंतजार किया जा रहा था, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
तीन बेटियों और दो बेटों को हमेशा के लिए छोड़ गई कमलजीत कौर
कमलजीत कौर अपने पीछे तीन बेटियों, दो बेटों और भरे-पूरे परिवार को छोड़ गई है। मां के अचानक बिछड़ जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक तरफ मां की मौत का असहनीय दुख और दूसरी तरफ घायल पिता की चिंता ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मुकेरियां–गुरदासपुर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही ने खड़े किए सवाल
इस हादसे के बाद मुकेरियां–गुरदासपुर मुख्य मार्ग पर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर रेत, बजरी और अन्य सामग्री लेकर जाने वाले टिप्परों सहित भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार इस सड़क पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिसके कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि बढ़ते यातायात के मुकाबले सड़क की चौड़ाई पर्याप्त नहीं है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने मांग की कि सड़क की क्षमता बढ़ाने और यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
टिप्पर चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग, सड़क को फोरलेन बनाने पर जोर
हादसे के बाद पीड़ित परिवार में टिप्पर चालक के खिलाफ रोष पाया जा रहा है। परिवार की ओर से हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। वहीं, क्षेत्रवासियों ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि मुकेरियां–गुरदासपुर मुख्य मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर फोरलेन बनाया जाए। इसके साथ ही भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण रखने और सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रभावी प्रबंध किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह के असहनीय दुख का सामना न करना पड़े।
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