मानसा में रिटायर्ड टीचर पर जमीन बेचने के नाम पर 36 लाख की ठगी का आरोप, पढ़ें पूरा मामला

Edited By Vatika,Updated: 31 Aug, 2026 02:12 PM

property fraud

पंजाब के मानसा जिले में एक रिटायर्ड टीचर पर फिजियोथेरेपिस्ट को कथित तौर पर पुलिस थाने की जमीन

बठिंड (विजय वर्मा):  जमीन खरीदने के नाम पर एक फिजियोथेरेपिस्ट के साथ कथित तौर पर 36 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक रिटायर्ड शिक्षक ने पुलिस थाने की जमीन को अपनी बताकर फिजियोथेरेपिस्ट को बेच दिया। पीड़ित जब जमीन पर कब्जा लेकर दुकान बनाने पहुंचा और नींव खोदने लगा तो वहां पहुंचे जमीन मालिकों ने उसे भगा दिया। इसके बाद पटवारी से रिकॉर्ड निकलवाने पर पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, वह थाना सिटी बरेटा की जमीन की हद में आती है।

दोनों के बीच 32 लाख रुपये में तय हुआ सौदा
बरेटा मंडी में फिजियोथेरेपी की दुकान चलाने वाले सतबीर सिंह ने बताया कि उसकी दुकान के साथ ही आरोपी रिटायर्ड शिक्षक विलास चंद की दुकान है। करीब छह महीने पहले उसे बस स्टैंड बरेटा के पास तीन बिस्वा जमीन बिकने की जानकारी मिली। दलाल के माध्यम से बातचीत हुई और विलास चंद ने उसे जमीन दिखाई। दोनों के बीच 32 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। आरोप है कि सौदे के समय जमीन का नंबर 9 बताया गया और जमीन पर पूरा अधिकार होने का भरोसा दिलाया गया। रजिस्ट्री के बाद जब प्रशासनिक टीम से जमीन की निशानदेही करवाई गई तो जमीन नंबर 13 में निकल आई। सतबीर जब जमीन पर कब्जा लेने और दुकान का निर्माण शुरू करने पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने उसे रोक दिया। उसने उन्हें बताया कि उसने यह जमीन रिटायर्ड शिक्षक से खरीदी है, लेकिन जब विवाद बढ़ा तो पटवारी से राजस्व रिकॉर्ड की जांच करवाई गई। रिकॉर्ड सामने आने के बाद पता चला कि संबंधित जमीन पुलिस थाने की हद में आती है।

परिवार की दो भैंसें और पत्नी की अंगूठियां-बालियां तक बेचनी पड़ीं
सतबीर का कहना है कि जमीन की रजिस्ट्री, कागजी कार्रवाई और अन्य खर्च मिलाकर वह करीब 36 लाख रुपये गंवा चुका है। वह लगभग छह बार जमीन पर कब्जा लेने का प्रयास कर चुका है, लेकिन हर बार उसे रोक दिया गया। जब उसने आरोपी रिटायर्ड शिक्षक से संपर्क किया तो कथित तौर पर उसने गाली-गलौज की और बाद में फोन बंद कर लिया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने उसे यह कहकर जमीन बेची कि वह उसकी है, लेकिन अब जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। विवादित जमीन की रजिस्ट्री सतबीर के पिता गुरनाम सिंह के नाम पर हुई है। गुरनाम सिंह ने बताया कि 32 लाख रुपये जुटाने के लिए परिवार की दो भैंसें और पत्नी की अंगूठियां-बालियां तक बेचनी पड़ीं तथा रिश्तेदारों से भी पैसे लिए गए। उनका कहना है कि उन्होंने अपने बेटे के लिए दुकान खरीदने के उद्देश्य से कर्ज लेकर रकम जुटाई थी। उनका बेटा किराए की दुकान में फिजियोथेरेपी का काम करता है और परिवार चाहता था कि उसकी अपनी दुकान हो।

भगवंत मान की मां से मिलकर  देंगे शिकायत
गुरनाम सिंह ने आरोप लगाया कि शिकायत देने के बावजूद वह एक महीने से थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका दावा है कि आरोपी को एक बार थाने बुलाया गया, लेकिन वहां क्या बातचीत हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। पीड़ित ने पुलिस पर दूसरे पक्ष के साथ मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस इन आरोपों की पुष्टि नहीं करती है। पीड़ित परिवार ने अब विवादित जमीन लेने से इनकार करते हुए पूरी रकम वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि वे जमीन के विवाद में नहीं पड़ना चाहते और आरोपी पक्ष से अपने 36 लाख रुपये वापस चाहते हैं। गुरनाम सिंह ने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की मां से मिलकर शिकायत देंगे और उच्च अधिकारियों से भी न्याय की गुहार लगाएंगे। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि रिटायर्ड शिक्षक गांव का सरपंच और गुरुद्वारा प्रबंधक रह चुका है, इसी वजह से उन्होंने उस पर भरोसा किया था। दूसरी ओर, मानसा के एसएसपी भगीरथ सिंह मीणा ने कहा कि मामला गंभीर है और इसकी जांच करवाई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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