लुधियाना में अब मनमानी फीस नहीं वसूल पाएंगे प्राइवेट स्कूल, जिला स्तरीय रेगुलेटरी बॉडी गठित

Edited By Kalash,Updated: 23 May, 2026 11:12 AM

private school ludhiana

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने तुरंत प्रभाव से जिले के लिए एक डिस्ट्रिक्ट लेवल की रेगुलेटरी कमेटी का गठन किया है।

लुधियाना : पंजाब रेगुलेटरी संस्थान की फीस रेगुलेशन एक्ट, 2016, पंजाब रेगुलेटरी इंस्टिट्यूशन्स फीस रेगुलेशन (अमेंडमेंट) एक्ट, 2019 और पंजाब स्टेट रेगुलेटरी इंस्टिट्यूशन्स फीस रेगुलेशन गैर-सहायता प्राप्त एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन्स रूल्स, 2017 के नियमों को असरदार तरीके से लागू करने के लिए डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने तुरंत प्रभाव से जिले के लिए एक डिस्ट्रिक्ट लेवल की रेगुलेटरी कमेटी का गठन किया है।

यह कमेटी जिले में गैर-सहायता प्राप्त एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन्स द्वारा फीस तय करने और बढ़ाने से जुड़े मामलों को रेगुलेट करने और उनकी जांच करने के लिए बनाई गई है। इस कदम का मकसद पारदर्शिता, निष्पक्षता और संबंधित एक्ट्स और नियमों के तहत तय नियमों का पालन पक्का करना है।

रेगुलेटरी संस्था के नेतृत्व खन्ना, जगराओं और  रूरल डेवलपमेंट के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर अपने-अपने इलाकों, नगर निगम सीमाओं और शहरी इलाकों में यरपर्सन के तौर पर करेंगे। मुख्यमंत्री  फील्ड ऑफिसर लुधियाना  नोडल-कम-मेंबर के तौर पर सेवा निभाएंगे जबकि जिला शिक्षा अफसर (सेकेंडरी) लुधियाना को मेंबर सचिव के रूप में नामजद किया गया है। जिला शिक्षा अफसर (एलिमेंट्री) लुधियाना और डिप्टी कमिश्नर, लुधियाना के दफ्तर से सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-1 कमेटी के मेंबर के तौर पर सेवा निभाएंगे। रिटायर्ड प्रिंसिपल तस्कीन अख्तर और नाहर सिंह को भी सरकार ने रेगुलेटरी बॉडी का मेंबर बनाया है।

नोटिफिकेशन के मुताबिक रेगुलेटरी बॉडी प्राइवेट अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में फीस स्ट्रक्चर को मॉनिटर करेगी और फीस बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावों की जांच करेगी। प्रशासन ने साफ किया कि एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के आसानी से काम करने और स्टूडेंट्स को बेहतर सुविधाएं देने के लिए फंड की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अपना फीस स्ट्रक्चर खुद तय कर सकते हैं। हालांकि इंस्टीट्यूशन को फीस तय करते या बढ़ाते समय एक्ट के सेक्शन 6(1) के तहत बताए गए फैक्टर्स को फॉलो करना चाहिए।

प्रशासन ने आगे कहा कि फीस में कोई भी बढ़ोतरी पिछले एकेडमिक ईयर में ली गई फीस के आठ परसेंट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इस बात पर भी जोर दिया गया कि कोई भी अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन किसी भी तरह से प्रॉफिट कमाने या कैपिटेशन फीस लेने में शामिल नहीं होगा।

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