फर्जी डीएसपी बनकर महिला को झांसे में लेने का आरोप, दुष्कर्म के पुराने मामले करणवीर गिरफ्तार

Edited By Kalash,Updated: 27 Sep, 2026 05:13 PM

karanveer arrest in old rape case

पंजाब पुलिस ने गांव कद्दों निवासी करणवीर शर्मा को एक महिला से दुष्कर्म के पुराने मामले में गिरफ्तार किया है।

खन्ना/दोराहा/पायल (विनायक): पंजाब पुलिस ने गांव कद्दों निवासी करणवीर शर्मा को एक महिला से दुष्कर्म के पुराने मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर खुद को पंजाब पुलिस का डीएसपी बताकर पुलिस की वर्दी पहनने, फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों पर रौब जमाने तथा एक महिला को कथित तौर पर झांसे में लेकर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप हैं। इस संबंध में वर्ष 2020 में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। लंबे समय तक अदालत में पेश न होने के कारण उसे भगोड़ा घोषित किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने अब उसे गिरफ्तार किया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है तथा उसके द्वारा कथित रूप से फर्जी पुलिस अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल करने, विभिन्न सामाजिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में पुलिस वर्दी पहनकर शामिल होने और उसके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने फर्जी डीएसपी की पहचान का इस्तेमाल कब से और किन परिस्थितियों में किया।

2024 में जम्मू के नेहरू पार्क में फर्जी डीएसपी बना पकड़ा गया था 

करणवीर शर्मा का नाम वर्ष 2024 में जम्मू-कश्मीर में भी सामने आया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जम्मू पुलिस ने उसे नेहरू पार्क क्षेत्र में एक अन्य युवक के साथ पुलिस की वर्दी में घूमते हुए पकड़ा था। दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिसकर्मियों ने उनसे पूछताछ की तथा पहचान और दस्तावेज मांगे। पूछताछ के दौरान उनकी पुलिस अधिकारी होने की पहचान संदिग्ध पाए जाने पर दोनों को हिरासत में लेकर जांच की गई थी। इस मामले में जम्मू पुलिस ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की थी। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान करणवीर के पंजाब पुलिस के डीएसपी होने संबंधी दावे की पुष्टि नहीं हो सकी थी। इसके बाद उसके फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर घूमने की बात सामने आई थी। जम्मू पुलिस ने यह भी जांच की थी कि वह अपने साथी के साथ वहां किस उद्देश्य से पहुंचा था।

गनमैन हासिल करने के लिए खुद को धमकी दिलवाने का आरोप 

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार करणवीर शर्मा के खिलाफ दोराहा थाना क्षेत्र में भी एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप था कि उसने पुलिस सुरक्षा और गनमैन हासिल करने के उद्देश्य से खुद को धमकी दिलवाने की कथित साजिश रची। जांच के दौरान पुलिस को कथित धमकी देने वाले मोबाइल नंबर और उससे जुड़े लोगों के संबंध में तकनीकी साक्ष्य मिले थे। पुलिस जांच में यह बात सामने आने का दावा किया गया था कि करणवीर जिम में एक युवक के साथ कसरत करता था और उसी के माध्यम से विदेशी नंबर से व्हाट्सऐप कॉल करवाकर खुद को धमकी दिलवाने का प्रयास किया गया।

जिम पार्टनर ने पुलिस को दिए बयान में लगाया था दबाव डालने का आरोप 

पुलिस जांच के अनुसार जिस नंबर से कथित धमकी दी गई थी, वह जिम पार्टनर के पास इस्तेमाल हो रहा था। पूछताछ के दौरान जिम पार्टनर ने पुलिस को कथित तौर पर बताया था कि उस पर दबाव डालकर यह कॉल करवाया गया। इसके बाद मामले की तकनीकी जांच आगे बढ़ाई गई और जनवरी 2024 में करणवीर शर्मा के खिलाफ थाना दोराहा में मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में मोबाइल कॉल, व्हाट्सऐप संपर्क, नंबरों की लोकेशन तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर चुकी है और अब पुराने दुष्कर्म मामले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी से उसके अन्य मामलों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

कबड्डी से जुड़े परिवार से संबंध, खुद भी रहा है खिलाड़ी 

करणवीर शर्मा का संबंध कबड्डी से जुड़े परिवार से बताया जाता है और वह स्वयं भी कबड्डी खिलाड़ी रह चुका है। इसी कारण क्षेत्र में उसकी खेल गतिविधियों को लेकर भी पहचान रही है। हालांकि, पुलिस अब उसके खेल संबंधी परिचय से अलग उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों और कथित रूप से फर्जी पुलिस पहचान का इस्तेमाल करने के मामलों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पुराने दुष्कर्म मामले में गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ के दौरान उसके द्वारा कथित रूप से फर्जी डीएसपी बनकर घूमने, पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल करने, सामाजिक कार्यक्रमों में अधिकारी के रूप में शामिल होने तथा गनमैन हासिल करने के लिए कथित तौर पर रची गई धमकी की घटना से जुड़े तथ्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।

अदालत में पेशी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई 

पुलिस द्वारा आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों और अदालत में प्रस्तुत रिकॉर्ड के आधार पर ही आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

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