Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Sep, 2026 08:02 PM

भारतीय जनता पार्टी पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पठानकोट से विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा है कि पंजाब में शिक्षा क्रांति लाने का आम आदमी पार्टी का दावा अब खोखला साबित हो चुका है और जमीनी हकीकत सरकार के दावों से बिल्कुल उलट है।
पठानकोट : भारतीय जनता पार्टी पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पठानकोट से विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा है कि पंजाब में शिक्षा क्रांति लाने का आम आदमी पार्टी का दावा अब खोखला साबित हो चुका है और जमीनी हकीकत सरकार के दावों से बिल्कुल उलट है।
शर्मा ने कहा कि जालंधर जैसे जिले में कई स्कूल टीन की शेडों में चल रहे हैं, जबकि जहां स्कूल की इमारतें मौजूद हैं, वहां पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ष 2025-2026 के दौरान पूरे पंजाब में 1749 सिंगल टीचर स्कूल हैं। कई जगहों पर गांव के लोगों ने अपने खर्च पर शिक्षक रखे हुए हैं। इतना ही नहीं, पंजाब के सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 50 प्रतिशत प्रिंसिपलों के पद खाली हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि 228 ब्लॉक एजुकेशन अधिकारियों (बीईओ) के पदों में से 110 पद रिक्त हैं।
अश्वनी शर्मा ने लुधियाना के शिक्षक नेताओं के हवाले से कहा कि सरकार प्राथमिक स्कूलों के टूर्नामेंट करवा रही है, लेकिन वहां न तो आवश्यक स्पोर्ट्स टीचर उपलब्ध हैं और न ही सरकार ने फंड जारी किया है। शिक्षक अपनी जेब से पैसे खर्च करके इन खेलों का आयोजन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जहां स्कूल शिक्षक और बुनियादी ढांचे की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं सरकार के स्कूल ऑफ एमिनेंस भी बच्चों के लिए शुरू की गई बस सेवा के नहीं चलने के कारण चर्चा में आ रहे हैं।