Edited By Subhash Kapoor,Updated: 02 Oct, 2026 07:50 PM

केंद्र सरकार ने पंजाब के खरड़ स्थित ऐतिहासिक महाराजा अज्ज सरोवर के कायाकल्प और पुनर्विकास के लिए ₹93.94 करोड़ की परियोजना को स्वदेश दर्शन योजना के तहत सैद्धांतिक मंजूरी दी है। लगभग 133 कनाल में फैला यह सरोवर चंडीगढ़-खरड़ राष्ट्रीय राजमार्ग, एनएच-21...
खरड़ : केंद्र सरकार ने पंजाब के खरड़ स्थित ऐतिहासिक महाराजा अज्ज सरोवर के कायाकल्प और पुनर्विकास के लिए ₹93.94 करोड़ की परियोजना को स्वदेश दर्शन योजना के तहत सैद्धांतिक मंजूरी दी है। लगभग 133 कनाल में फैला यह सरोवर चंडीगढ़-खरड़ राष्ट्रीय राजमार्ग, एनएच-21 के किनारे स्थित है। पंजाब पर्यटन विभाग परियोजना को लागू करेगा। केंद्र से औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और मंजूर धनराशि पंजाब सरकार को जारी की जाएगी।
परियोजना को जुलाई से शुरू हुई तीन चरणों की प्रक्रिया के बाद 15 सितंबर को केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय संचालन समिति की बैठक में सैद्धांतिक मंजूरी मिली। प्रस्ताव के अनुसार सरोवर को धनुष-बाण के आकार में विकसित किया जाएगा। पानी की उपलब्धता इस परियोजना की सफलता के लिए अहम होगी। योजना में सर्दियों और कम मांग वाले दिनों में बीबीएमबी की कजौली पाइपलाइन से अतिरिक्त पानी सरोवर तक पहुंचाने का प्रावधान बताया गया है।
महाराजा अज्ज सरोवर को धार्मिक परंपरा में भगवान श्रीराम के दादा महाराजा अज्ज से जुड़ा माना जाता है। ब्रिटिश शासन के दौरान यहां हिंदू, बौद्ध और जैन परंपराओं से जुड़े पुरातात्विक अवशेष मिले थे। ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार तत्कालीन प्रशासन ने 1891, 1896 और 1926 में इस स्थल के संरक्षण के आदेश जारी किए थे।
इस परियोजना की मंजूरी के अवसर पर श्री राम मंदिर अज्ज सरोवर विकास समिति ने राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू का सम्मान किया। समिति के अध्यक्ष शशि पाल जैन ने बताया कि सरोवर और इस धरोहर के संरक्षण तथा विकास के लिए लगभग चार दशकों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के सहयोग से पहले घाटों की मरम्मत और सामुदायिक सुविधाओं का विकास भी किया गया। समिति ने इस प्रयास में योगदान देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं, सहयोगियों और संगत का आभार जताया।
संधू ने कहा कि महाराजा अज्ज सरोवर का पुनर्विकास पंजाब की साझा विरासत को सुरक्षित रखने और खरड़ में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि पर्यटन और विरासत से जुड़े नए अवसर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते बना सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत संरक्षण को मिली प्राथमिकता का उल्लेख करते हुए इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया।
संधू ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का भी अलग से धन्यवाद किया और कहा कि संबंधित मंत्रालय के सहयोग से प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में मदद मिली। उन्होंने समिति अध्यक्ष शशि पाल जैन के लगभग चार दशक लंबे प्रयासों की विशेष सराहना की। जैन के पुत्र ललित जैन ने अपनी पेशेवर समझ और अनुभव के माध्यम से इस प्रयास में सहयोग दिया, जिसकी संधू ने प्रशंसा की।
संधू ने कहा कि सरोवर परियोजना के साथ खरड़ की पेयजल, सीवरेज और सड़क संबंधी जरूरतों पर भी निरंतर काम करना जरूरी है। उन्होंने शहर के समग्र विकास और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रयास जारी रखने की बात कही।
कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष शशि पाल जैन, महासचिव देवेंद्र गुप्ता तथा कार्यकारी सदस्य जसपाल धीमान, अशोक शर्मा और अमरीश शुक्ला उपस्थित रहे। भाजपा की ओर से सर्कल अध्यक्ष राकेश गुप्ता, राज्य कार्यकारिणी सदस्य नरिंदर राणा, प्रवेश भारती, राम गोपाल और आशु पुरी ने भाग लिया। अग्रवाल सभा की ओर से रविकांत गुप्ता और अनिल कंसल भी मौजूद रहे।