केंद्रीय जेल में एच.आई.वी. को रोकना बना बड़ी चुनौती

Edited By swetha,Updated: 13 May, 2019 10:23 AM

central jail kapurthala

3200 कैदियों व हवालातियों से लैस केंद्रीय जेल जालंधर व कपूरथला में बंद 70 कैदी व हवालाती एच.आई.वी. जैसी भयानक बीमारी से जूझ रहे हैं, जिनका सही तरीके  से इलाज करवाना जहां केंद्रीय जेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, वहीं जेल काम्पलैक्स में...

कपूरथला(भूषण): 3200 कैदियों व हवालातियों से लैस केंद्रीय जेल जालंधर व कपूरथला में बंद 70 कैदी व हवालाती एच.आई.वी. जैसी भयानक बीमारी से जूझ रहे हैं, जिनका सही तरीके  से इलाज करवाना जहां केंद्रीय जेल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, वहीं जेल काम्पलैक्स में एच.आई.वी. का प्रसार रोकना भी जेल प्रशासन की सबसे बड़ी चिंताओं में शुमार हो गया है। 

गौरतलब है कि प्रदेशभर की जेलों में एच.आई.वी. से पीड़ित कैदियों व हवालातियों की संख्या लगातार बढऩे से जहां उच्च जेल प्रशासनिक तंत्र में चिंता फैल गई है, वहीं प्रदेश की जेलोंं में बंद करीब 33 हजार कैदियों व हवालातियों में से कम से कम 800 के करीब कैदी व हवालाती एच.आई.वी. जैसी भयानक बीमारी से पीड़ित हैं, वहीं 3 जिलों कपूरथला, जालंधर कमिश्नरेट व जालंधर दिहाती के कैदियों व हवालातियों को रखने के लिए उत्तरदायी केंद्रीय जेल जालंधर व कपूरथला में वर्तमान दौर में बंद 3200 कैदियों व हवालातियोंं में से 70 कैदी व हवालाती एच.आई.वी. से पीड़ित हैं। 

नशे के दौरान एक-दूसरे की सिरिंज का प्रयोग करना एच.आई.वी. का मुख्य कारण
ज्यादातर कैदी जहां नशे की अधिक डोज लेने के कारण एच.आई.वी. का शिकार बने हैं, वहीं इन में कई कैदियों व हवालातियों द्वारा जेल में आने से पहले नशा लेने के दौरान एक ही इंजैक्शन की एक ही सिरिंज का कई बार प्रयोग करने से उनको एच.आई.वी. की भयानक बीमारी लग गई। वहीं कुछ कैदियों द्वारा एच.आई.वी. होने के बावजूद भी नशे की डोज को न छोड़ पाना भी इसका मुख्य कारण है। 

ए.आर.टी. से करवाया जा रहा एच.आई.वी. से पीड़ित कैदियों का इलाज 
प्रदेश की जेलों में एच.आई.वी. के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा एच.आई.वी. से ग्रस्त कैदियों व हवालातियों का इलाज करवाने को लेकर जारी किए गए आदेशों के बाद अब जेल प्र्रशासन ने केंद्रीय जेल में बंद उन 70 एच.आई.वी. से पीड़ित कैदियों व हवालातियों का इलाज ए.आर.टी. जालंधर से करवाना शुरू कर दिया है। जहां एच.आई.वी. से निपटने के लिए बेहतरीन डाक्टरों की टीम तैनात है। वहीं पंजाब सरकार के आदेशों पर केंद्रीय जेल कॉम्पलैक्स में एच.आई.वी. से पीड़ित कैदियों व हवालातियों के टैस्ट के लिए लैब की भी स्थापना की गई है, ताकि एच.आई.वी. की बीमारी से निपटा जा सके। 

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