इस स्कूल का इकलौता अध्यापक हुआ रिलीव, कैसा होगा बच्चों का भविष्य

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Friday, May 19, 2017-2:14 PM

तरनतारन(विजय कुमार): गर्मी की छुट्टियां मतलब ढेर सारी मौज-मस्ती, न जल्दी उठने की चिंता न स्कूल जाने की परवाह। लेकिन जब यह छुट्टियां वक्त से पहले ही हो जाए तो यह चिंता का विषय बन जाता है। ऐसा ही मामला हमारे पास तरनतारन के गांव बेगेपुर के सरकारी स्कूल का सामने आया है। इस स्कूल का निर्माण 2010 में हुआ था। पता चला है कि इस स्कूल में एक भी अध्यापक नहीं है। जिसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

बच्चे प्रतिदिन तैयार होकर स्कूल पढ़ने के लिए जाते हैं मगर कक्षाओं को लगे ताले देख निराश होकर वापिस लौट आते हैं। दरअसल, इस स्कूल में एक भी अध्यापक नहीं है। यहां नाममात्र एक ही अध्यापक था वह भी रिलीव कर गया। अब सवाल यह उठता है कि बिना किसी अध्यापक के ये मासूम अपनी पढ़ाई कैसे पूरी करेंगे। कुछ ही दिनों में स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियाँ होने जा रही हैं। ऐसे में यदि विभाग तुरंत स्कूल में अध्यापक नहीं भेजा तो विद्यार्थियों को कोई होमवर्क नहीं मिलेगा। जिससे अभिभावक और छात्र बेहद निराश है।

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