इस स्कूल के छात्रों का भविष्य खतरे में, जानें क्या है कारण

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Friday, May 19, 2017-5:22 PM

रूपनगर (बाली): चंगर इलाके का सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल समलाह में अध्यापकों तथा अन्य सुविधाओं की कमी है। इस स्कूल में पढ़ते विद्यार्थियों के अभिभावकों ने बताया कि पिछली अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार ने सरकारी हाई स्कूल समलाह को अपग्रेड करके सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल बना दिया था। इसके बाद इस स्कूल में 12वीं कक्षा तक आर्ट्स ग्रुप की पढ़ाई शुरू हो गई पर सरकार ने स्कूल में रिक्त पड़े अध्यापकों के पदों को भरने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। 

चंगर इलाका काफी पिछड़ा हुआ है। इस इलाके में पानी तथा बिजली की समस्या रहती है। इस इलाके में सिर्फ मस्सेवाल व समलाह का स्कूल ही 12वीं तक है। समलाह स्कूल में गांव पहाड़पुर, समलाह, काहीवाल, बलोली, लखेड़, सिंबल वाला, हरिपुर आदि गांवों के छठी से 12वीं कक्षा तक 292 के करीब विद्यार्थी शिक्षा ले रहे हैं। इलाके में यातायात के साधनों की काफी कमी है, जिस कारण अभिभावक भी अपनी लड़कियों को उच्च शिक्षा दिलवाने के लिए दूर भेजने से कतराते हैं। इस स्कूल में तैनात कई अध्यापक काफी दूर से इस स्कूल में पढ़ाने के लिए आते हैं। गांववासियों ने बताया कि समलाह के स्कूल में क्लर्क सहित 28 पोस्टें हैं, जिनमें से 17 पद खाली पड़े हैं जिस कारण छात्रों का भविष्य खतरे में है।

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