बाबुओं की सरकार बाबुओं के लिए : खैहरा

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Friday, August 04, 2017-10:44 AM

कपूरथलाः आम आदमी पार्टी के हाल ही में नए बने विपक्षी दल के नेता व हलका भुलत्थ से विधायक सुखपाल सिंह खैहरा का मानना है कि पंजाब में कैप्टन नहीं अपितु उनके इर्द-गिर्द मंडराने वाली अफसरशाही सरकार चला रही है। उन्होंने कैप्टन से निष्पक्ष कानून की मांग करते हुए किसानी के मुद्दे पर एक 3 दिवसीय विशेष सदन बुलाने की भी मांग की है। पंजाब केसरी के स्टूडियो पहुंचे सुखपाल सिंह खैहरा के साथ हमारे प्रतिनिधि रमनदीप सिंह सोढी द्वारा खास वार्तालाप की गई। पेश है वार्तालाप का पूरा ब्यौरा :


प्र.: पंजाब के तत्कालीन हालातों को आप कैसे देखते हैं?
उ.: पंजाब के लोग अकाली दल की तानाशाही से बेहद परेशान थे जिसके चलते उन्होंने बड़ी उम्मीद के साथ कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाई थी पर 4 महीनों की कारगुजारी में कैप्टन ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। पिछले दस सालों से जो दोष अकाली दल पर कांग्रेस लगाती रही है आज वही काम कांग्रेसी लीडर कर रहे हैं। सरकार बनने से पहले कैप्टन कहते थे कि चार सप्ताह में नशा बंद करवा दूंगा पर आज उनकी ही पार्टी के विधायक सुरजीत सिंह धीमान द्वारा नशे के बारे दिए बयान ने कांग्रेस की पोल खोल दी है इसलिए मैं समझता हूं कि सिर्फ सरकार बदली है, पंजाब के हालात नहीं बदले। मैं समझता था कि कैप्टन ऐसा नहीं करेंगे पर शायद वह वृद्ध हो चुके हैं इसलिए उनसे अब सब कुछ संभाला नहीं जा रहा।
 

 

प्र.: सुखबीर बादल व विक्रम मजीठिया का व्यंग्यात्मक कहना है कि बंटी व बबली सरकार चला रहे हैं, क्या आप इससे सहमत हैं?
उ.: नहीं, यह तो उन दोनों ने ऐसे ही मजाक किया है। मेरा मानना है कि पंजाब सरकार को सिर्फ अफसरशाही ही चला रही है क्योंकि कै. अमरेंद्र सिंह अपने स्वभाव के अनुसार किसी विधायक को भी मिलते नहीं। कैप्टन को सिर्फ अफसरशाही ने घेरा हुआ है। इसलिए मैं कहता हूं कि यह बाबुओं की सरकार बाबुओं के लिए व बाबुओं द्वारा ही चलाई जा रही है।

 

प्र.: खैहरा साहिब इसमें बुरी बात क्या है, आमतौर पर अफसरशाही पर दोष लगते हैं कि सरकार के इशारों पर काम कर रही है, पर आज तो कांग्रेसी विधायकों के भी काम नहीं हो रहे। फिर आप अफसरशाही को किस तरह निशाने पर ले सकते हैं?
उ.: देखिए, कांग्रेसी विधायक चाहते हैं कि सारी पावर उनके हाथ में आ जाए ताकि वे बदलाखोरी की राजनीति कर सकें। इसलिए वे कहते हैं कि हमारी सुनवाई नहीं हो रही। दरअसल कैप्टन से लोग उम्मीद करते थे 
कि कैप्टन पुलिस के हुए राजनीतिकरण को खत्म करेंगे, पर ऐसा नहीं हो सका।

 

प्र.: आपके मुताबिक होना क्या चाहिए था?
उ.: आज पंजाब ऋण की मार झेल रहा है। जरूरत है कि पंजाब के भ्रष्ट हुए ढांचे को मुख्यमंत्री द्वारा सुधार कर जवाबदेह बनाया जाए। कैप्टन को चाहिए कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई सख्त संदेश दिया जाए ताकि पंजाब के लोग सरकार पर भरोसा कर सकें। पंजाब में कानून को सख्ती के साथ लागू किया जाए। पंजाब में हो रही कत्लोगैरत पर तभी लगाम लग सकेगी।

 

प्र.: आपकी पार्टी के रोपड़ से विधायक पर महिला से छोडख़ानी करने के आरोपों का क्या पार्टी पर असर पड़ेगा?
उ.: देखिए, हमारा विधायक अमृतधारी सिख है जो ऐसी हरकत कभी नहीं कर सकता। हां, यह जरूर हो सकता है कि कोई पैसे का लेन-देन रह गया हो। पर जिस तरह एक ही घंटे में पुलिस ने उसके खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कर दी, स्पष्ट है कि पुलिस राजनीति के प्रभाव में काम कर रही है।

 

प्र.: आप एक विशेष सदन बुलाने की भी मांग कर रहे हो, इसके पीछे क्या तर्क है?
उ.: पंजाब में किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याएं एक बहुत बड़ी सामाजिक समस्या बन गई है। मैं इस मसले पर कैप्टन साहिब से मिलना भी चाहता हूं ताकि 3 दिवसीय विधानसभा का लाइव सदन बुलाकर इस पर विचार किया जा सके। इसके अलावा मैं चाहता हूं कि परम्परागत फसलों से हटकर किसानों को अन्य फसलों की तरफ ले जाया जाए व उसके लिए संबंधित मार्कीट के लिए भी अवसर पैदा किए जाएं।

 

प्र.: पार्टी में जालंधर में नए अध्यक्ष के चुनाव को लेकर काफी 
फूट नजर आ रही है। आपके ही वर्कर आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेसियों को मुबारकें देने वाले प्रधान बनाए गए हैं?
उ.: देखिए, इस मसले को हमारे पार्टी अध्यक्ष भगवंत मान व अमन अरोड़ा अच्छे तरीके से सुलझा लेंगे।

 

प्र.: गुरदासपुर लोकसभा चुनाव के लिए  उम्मीदवार का चुनाव पंजाब की लीडरशिप करेगी या फिर पर्ची दिल्ली से आएगी?
उ.: केजरीवाल ने मुझे कहा था कि आप मिल-बैठकर उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट कर लें, हम साफ-सुथरे किरदार वाले उम्मीदवार की तलाश कर रहे हैं जो पार्टी के ग्राफ को ऊपर ले जा सके।

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