पुलिस और यूनियन के बीच हुई पत्थरबाजी, स्थिति तनावपूर्ण

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Tuesday, July 18, 2017-10:13 AM

सुल्तानपुर लोधी (धीर,सोढ़ी): भारतीय खाद्य निगम (एफ.सी.आई.) द्वारा पूरे देश में रेलवे स्टेशन पर स्पैशल गाड़ी लोड करवाने के लिए प्राइवेट ठेकेदारों से काम करवाने के दिए गए निर्देशों के मुताबिक सोमवार को सुल्तानपुर लोधी रेलवे स्टेशन पर भी स्पैशल मालगाड़ी लोड करवाने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण व नाजुक हो गई। मिली जानकारी के अनुसार एफ.सी.आई. के पक्के कर्मचारियों ने स्पैशल मालगाड़ी विभाग द्वारा प्राइवेट ठेकेदारों से लोड करवाने को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया।

एस.डी.एम. सुल्तानपुर लोधी डा. चारूमिता द्वारा डी.एस.पी. वरियाम सिंह को लोडिंग का काम शुरू करवाने के दिए निर्देशों पर पुलिस ने जब ठेकेदारों को काम शुरू करवाने के लिए कहा तो यूनियन के नेता व कर्मचारी ट्रकों के आगे खड़े होकर पुलिस से बहसबाजी करने लगे, जिस पर पहले से ही भारी संख्या में तैनात पुलिस कर्मचारियों ने एफ.सी.आई. की यूनियन पर हल्का लाठीचार्ज किया। इस पर यूनियन नेता व सदस्य वहां से भाग कर पास स्थित खेतों में चले गए और पुलिस पर पत्थरबाजी करने लगे, जिसके जवाब में पुलिस ने भी पथराव कर रहे यूनियन नेताओं पर पत्थर फैंके व कुछेक यूनियन नेताओं को गिरफ्तार कर स्पैशल गाड़ी की लोडिंग का काम शुरू करवाया। 

पुराने सिस्टम के अनुसार लोडिंग की जिद पर अड़ी यूनियन
पुराने सिस्टम के अनुसार रेलवे स्टेशनों पर स्पैशल मालगाड़ी को एफ.सी.आई. के पहले रखे पक्के कर्मचारी लोड करते थे। पक्के कर्मचारियों की ड्यूटी सुबह 10 से शाम साढ़े 5 बजे तक होती थी, जिसके उपरांत लोडिंग के लिए सरकार को ओवरटाइम के पैसे देने पड़ते थे, जिससे सरकार को काफी आर्थिक नुक्सान होता था। सरकार के निर्देशों के अनुसार अब एफ.सी.आई. द्वारा कर्मचारियों के बजाय लोडिंग का जिम्मा प्राइवेट ठेकेदारों को सौंप दिया गया है। 

कुर्बानियां भी देनी पड़ीं तो हम पीछे नहीं हटेंगे : लेबर यूनियन 
प्राइवेट ठेकेदारों से लोडिंग करवाने के एफ.सी.आई. के फैसले के विरुद्ध यूनियन के नेताओं अध्यक्ष केवल सिंह, उपाध्यक्ष बूटा राम, सचिव जरनैल सिंह, रोशन लाल, बलबीर, तरलोक सिंह, गुरमीत सिंह, प्रेम चंद आदि ने नारेबाजी करते हुए कहा कि लोडिंग का काम 1993 से केंद्रीय फूड मिनिस्टर द्वारा किए हुए फैसले के बाद एफ.सी.आई. के पक्के कर्मचारी ही करते हैं।

उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर लोधी एफ.सी.आई. में करीब 400 परिवार मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवारों का पेट पालते हैं। इन परिवारों को उजाडऩे व भूखे मारने के इरादे से सरकार व एफ.सी.आई. मैनेजमैंट तानाशाही फैसले के साथ व जोर-जबरदस्ती से लोडिंग करवाना चाहती है, जिसको किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए हमें अगर कुर्बानियां भी देनी पड़ीं तो हम पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंधी हमारे पास दिल्ली हाईकोर्ट का दिसम्बर तक स्टेऑर्डर भी है लेकिन सरकार जानबूझ कर लाठीचार्ज से काम करवाना चाहती है। 

बातचीत से मामला सुलझाने का प्रयास पर नहीं बनी बात
मामला तनावपूर्ण व गंभीर होने के कारण पहले नायब तहसीलदार मोहन लाल पहुंचे, जिन्होंने बातचीत द्वारा मामले को सुलझाने का प्रयास किया लेकिन पक्के कर्मचारियों द्वारा कोई भी बात न सुनने पर डी.एस.पी. वरियाम सिंह ने खुद जाकर एफ.सी.आई. यूनियन नेताओं से बातचीत की। यूनियन द्वारा पुराने सिस्टम को लेकर लोडिंग करने की जिद पर एस.डी.एम. सुल्तानपुर लोधी डा. चारूमिता भी पहुंच गईं, को यूनियन के नेताओं ने दिल्ली हाईकोर्ट के स्टेऑर्डर की कापी दिखाई व किसी भी कीमत पर लोडिंग प्राइवेट ठेकेदारों से न करवाने की बात कही। 

विभाग निकालने नहीं जा रहा है पक्के कर्मचारियों को : एफ.सी.आई.
इस संबंधी एफ.सी.आई. के डी.एम. नरिन्द्र कुमार मीना ने कहा कि एफ.सी.आई. की पक्की लेबर का काम गोदामों में होता था। इन कर्मचारियों की ड्यूटी सुबह 10 से शाम साढ़े 5 बजे तक होती थी व अगर इसके बाद विभाग को काम करवाना पड़ता था तो इसकी एवज में लाखों रुपए का भुगतान भी करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि माननीय मुंबई हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार अब एफ.सी.आई. ने स्पैशल मालगाड़ी फूड ग्रेन काकाम प्राइवेट ठेकेदारों को सौंप दिया है एवं यह पूरे देश में लागू हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग इन पक्के कर्मचारियों को नहीं निकालेगा। ये पहले की तरह गोदामों में अपना काम करते रहेंगे। 

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों में मचा हड़कंप 
डिप्टी कमिश्नर कपूरथला मोहम्मद तैयब, एस.एस.पी. कपूरथला संदीप कुमार शर्मा द्वारा दिए गए निर्देशों के मुताबिक आज सुबह से ही बड़ी संख्या में करीब 300 से अधिक पुलिस कर्मचारी, जिनमें थाना सुल्तानपुर लोधी के एस.एच.ओ. सर्बजीत सिंह, थाना तलवंडी चौधरियां के एस.एच.ओ. नरिन्द्र सिंह औजला, थाना कबीरपुर के एस.एच.ओ. इंस्पैक्टर जोगिन्द्र सिंह व अन्य जिले के कई एस.एच.ओ., ए.एस.आई., हैड कांस्टेबल व लेडी पुलिस फोर्स ने पहुंच कर रेलवे स्टेशन को घेरे में ले लिया था, जिससे यात्रियों में इतनी बड़ी संख्या में पुलिस को देखकर हड़कंप मच गया। 

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