पंजाब वक्फ बोर्ड की पहली बैठक में छाया रहा 88 लाख के घोटाले का मामला

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Wednesday, November 15, 2017-11:12 AM

जालंधर (मजहर): पंजाब वक्फ बोर्ड की बैठक अध्यक्ष वक्फ बोर्ड जुनैद रजा खान की अध्यक्षता में हुई जिसमें आई.ए.एस. अधिकारी शौकत अहमद पारे, मोहम्मद कलीम आजाद, अब्बास रजा, एड. एजाज आलम, सज्जाद हुसैन, अब्दुल वाहिद, सत्तार मोहम्मद लिब्रा, शबाना एडवोकेट शामिल हुए। निशात अख्तर बैठक में शामिल नहीं हो सकीं। 7 घंटों तक चली बैठक में 88 लाख रुपए की  करप्शन का मामला छाया रहा और  18 अगस्त को वक्फ बोर्ड सदस्यों की घोषणा के बाद 257 लीज की फाइलों की दोबारा जांच करने बारे निर्णय लिया गया।

पंजाब वक्फ बोर्ड के खाते से 2014 में 88 लाख रुपए चैक के माध्यम से निकालने का मामला बहुत गर्माया रहा और अब तक उस पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई, उस पर भी चर्चा की गई। वक्फ बोर्ड के सी.ई.ओ. लतीफ अहमद थिंद ने बोर्ड अधिकारी मोहम्मद असलम को प्रोमोट करके एटमो और अन्य पदों पर नियुक्त किया था जिसे बोर्ड सदस्यों ने डिमोट करके उन पर जांच समिति बिठा दी है और बोर्ड की अगली बैठक तक अपनी रिपोर्ट देने को कहा है। एस्टेट अधिकारी रशीद मोहम्मद के पिछले 5 सालों के कामों की रिपोर्ट बोर्ड को करने के लिए कहा गया है। इसके बाद बोर्ड तय करेगा कि एस्टेट अधिकारी रशीद मोहम्मद को विस्तार दिया जाना चाहिए या नहीं।
पिछली लीज कमेटी को भंग कर नई लीज कमेटी का गठन किया जाएगा। 

चंडीगढ़, मोहाली में बोर्ड का प्रधान कार्यालय बनाने के लिए पिछले बोर्ड अध्यक्ष ने 2 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से जमीन खरीदी थी, उसे नए बोर्ड सदस्यों ने अधूरा बताते हुए अस्वीकार कर दिया और उसका विकल्पदूसरी जगह खोजने बारे प्रोपोजल रखा गया जिस पर मोहम्मद कलीम आजाद ने न्यू चंडीगढ़ में 4.5 एकड़ बोर्ड की जमीन पर कार्यालय भवन बनाने का प्रोपोजल पेश किया जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति जताते हुए कलीम आजाद (जालंधर) और अब्बास रजा (अमृतसर) की आधिकारिक तौर पर ड्यूटी लगाई। पंजाब वक्फ बोर्ड के सी.ई.ओ. पर विचार किया गया, लेकिन किसी के नाम की सिफारिश न होने पर उसे अगली बैठक तक टाल दिया गया।

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