‘मिड-डे मील के माया जाल में फंसे अध्यापकों की विभाग नहीं कर रहा सुनवाई’

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Wednesday, September 13, 2017-3:45 PM

फिरोजपुर(कुमार, परमजीत, शैरी, शर्मा) : इस महंगाई के समय में जहां रोजी-रोटी का प्रबंध करने में आम आदमी के लिए मुश्किल हो गई है, वहीं शिक्षा विभाग ने स्कूलों में पढ़ते विद्याॢथयों को मिड-डे मील देने की जिम्मेदारी अध्यापकों पर छोड़ दी है। विभाग के अधिकारी ए.सी. कमरों में बैठे अध्यापकों की इस मुश्किल का कोई हल निकालने की जगह हर रोज नए अध्यापक विरोधी फरमान जारी कर रहे हैं।


गवर्नमैंट टीचर यूनियन फिरोजपुर के प्रधान बलविन्द्र सिंह भुट्टो, जनरल सचिव जसविन्द्र सिंह ममदोट, बलविन्द्र सिंह चब्बा ने कहा कि मिड-डे मील के मायाजाल में फंसे अध्यापकों की विभाग की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हो रही है। राशि न आने के कारण यह स्कीम किसी वक्त भी दम तोड़ सकती है। यूनियन के प्रैस सचिव नीरज यादव ने कहा कि विभाग ने अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए पत्र जारी किया है कि विद्यार्थियों को मिड-डे मील देना स्कूल प्रमुख की जिम्मेदारी है, वह स्कूल में मौजूद फंडों का प्रयोग मिड-डे मील को जारी रखने के लिए करें। प्राइमरी अध्यापकों को यह समझ नहीं आ रहा कि आर.टी.ई. (राइट-टू-एजुकेशन) एक्ट लागू होने के बाद प्राइमरी विंग में तो विद्यार्थियों से फंड लेना बंद हुए को एक दशक होने को आया है, वे कौन से फंड में से मिड-डे मील जारी रखें? इस बारे विभाग के अधिकारियों ने चुप्पी साधी हुई है। 

पंजाब स्टेट मिड-डे मील सोसायटी से आर.टी.आई. (राइट-टू-इन्फोर्मेशन) एक्ट के द्वारा इस संबंधी मांगी गई एक सूचना के जवाब में उनके जनरल मैनेजर ने लिखित जवाब दिया था कि मिड-डे मील के लिए कुकिंग, लकड़ी, एडवांस स्कूलों को दी जाती है, जोकि हैरानीजनक है क्योंकि स्कूलों में कुकिंग लकड़ी नैगेटिव चल रही है। इस प्रकार विभाग अपने बनाए नियमों को ही ठेंगा दिखा रहा है। इसके अलावा केंद्र सरकार की तरफ से हर साल जुलाई महीनों में कुकिंग लकड़ी में (7 प्रतिशत) विस्तार किया जाता है वह भी इस साल अब तक नहीं किया गया। दिन-ब-दिन मिड-डे मील स्कीम की हालत आई.सी.यू. में पड़े मरीज की तरह हो गई है जोकि किसी वक्त भी दम तोड़ सकती है, जिसकी सारी जिम्मेदारी विभाग के अधिकारियों की होगी। इस दौरान राजीव हांडा, संजीव टंडन, गौरव मुंजाल, संदीप टंडन, राजिन्द्र सिंह राजा ने कहा कि अधिकारियों को अध्यापकों की इस समस्या की तरफ तुरंत ध्यान देना चाहिए, यदि जल्द ही मिड-डे मील की राशि जारी न हुई तो यह स्कीम फिरोजपुर में बंद कर दी जाएगी। गवर्नमैंट टीचर्स यूनियन इस मुद्दे पर अध्यापकों के साथ खड़ी है। किसी भी अध्यापक का कोई नुक्सान नहीं होने दिया जाएगा।

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