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लुधियाना नगर निगम चुनाव: भाजपा ने अकाली दल से उधार लिए 4 उम्मीदवार

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Tuesday, February 13, 2018-7:34 PM

लुधियाना: जैसा कि पंजाब केसरी ने पहले ही साफ कर दिया था कि सभी 95 सीटों से टिकटों के लिए आवेदन मांगने के बावजूद भाजपा के पास अकाली दल के साथ गठजोड़ के तहत अपने हिस्से आते वार्डों में उम्मीदवार पूरे नहीं हो रहे, उस खबर पर अब भाजपा के सारे उम्मीदवारों का ऐलान होने के बाद मोहर लग गई है। जिसके तहत भाजपा के 4 उम्मीदवार अकाली दल से उधार लिए गए हैं। जिसमे सबसे प्रमुख नाम गुरमेल मेडिकल के भूपेन्द्र सिंह का है, जिनके घर बादल आकर रुकते हैं और उनके परिवार के मेंबर्स अकाली दल के पदाधिकारी भी है। इसके अलावा वाल्मीकि समाज के नेता चौधरी यशपाल भी अकाली दल के पदाधिकारी हैं और मोहित चौहान का परिवार खुले तौर पर अकाली दल के साथ अटैच रहा है। मंदीप भनोट भी अकाली दल के सर्किल प्रधान रह चुके हैं। 

बहू को टिकट, ससुर के खिलाफ उम्मीदवार नहीं खड़ा करेगी भाजपा 
भाजपा में ऐसा शायद पहली बार होने जा रहा है कि एक वॉर्ड से बहू को टिकट दी गई है, जबकि आजाद लड़ रहे उसके ससुर के खिलाफ पार्टी का उम्मीदवार नहीं होगा। यह मामला मौजूदा पार्षद जसबीर जस्सा से जुड़ा है। जो पहले जिस वॉर्ड से आजाद जीते थे, उस वॉर्ड से अब उनकी बहू को टिकट दी गई है। जबकि जस्सा जिस वॉर्ड से आजाद खड़े होने जा रहे हैं वहां उनके खिलाफ भाजपा अपना उममीदवार खड़ा नहीं करेगी। ऐसा नजारा अब से पहले एक बार कांग्रेस में उस समय देखने को मिला था, जब भारत भूषण आशु को नगर निगम चुनाव में कांग्रेस टिकट मिली थी और उनकी पत्नी आजाद चुनाव लड़कर जीती थी। 

मौजूदा कौंसलर की टिकट काटने में भाजपा ने बनाया रिकॉर्ड, दो ने फुंका आजाद लडऩे का बिगुल 
मौजूदा पार्षद की टिकट काटने के मामले में भी भाजपा ने रिकॉर्ड बनाया है, जिसके तहत पहली लिस्ट में सीनियर डिप्टी मेयर सुनीता अग्रवाल के अलावा सुमित मल्होत्रा व मिंटू शर्मा की टिकट काट दी गई थी। जिनमें से सुनीता अग्रवाल की तरफ से विदेश जाने कारण चुनाव न लडऩे का हवाला दिया जा रहा है। जबकि मिंटू शर्मा द्वारा अपने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करके पार्टी को टिकट बदलने का अल्टीमेटम दे दिया है, उनके आजाद चुनाव लडऩे की चर्चा भी सुनने को मिल रही है। इसके बावजूद अगली लिस्ट में भाजपा ने दो और मौजूदा पार्षद राधेश्याम व गीता देवी की टिकट काट दी है। जिनमें से राधेश्याम द्वारा लीडरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा के खिलाफ पुतला फुंक प्रर्दशन करके आजाद लडऩे का ऐलान कर दिया गया है। 

तीनों प्रमुख पार्टियों ने एक परिवार में दी दो टिकटें 
सियासी पार्टियां भले ही एक-दूसरे पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाती हैं, लेकिन हमाम में सब नंगे हैं। जिसका सुबूत नगर निगम चुनाव में देखने को मिल रहा है, जिसके तहत तीनों ही प्रमुख सियासी पार्टीओं ने एक परिवार में दो टिकट दे दी है। इनमें मौजूदा पार्षद में से विधायक भारत भूषण आशु की पत्नी व भाई एक बार फिर से चुनाव लडऩे जा रहे हैं। जबकि मौजूदा पार्षद बलकार संधू के साथ उनकी पत्नी को भी टिकट मिल गई है, जो पहले उस एरिया से पार्षद रह चुकी है। इसके अलावा अकाली दल के जिला प्रधान रणजीत ढि़ल्लों की मौजूदा पार्षद पत्नी तो एक बार फिर से चुनाव लड़ ही रही है, उनके भतीजे को भी साथ लगते वॉर्ड से अकाली दल की टिकट दे दी गई है। अगर जसबीर जस्सा के मामले को साथ जोड़ लिया जाए तो भाजपा भी एक परिवार में दो टिकट देने की केटेगरी में शामिल हो गई है। 

अकाली दल ने बदली दो टिकटें, गोगा की छुट्टी, आखिर पूर्व मेयर को मिला मौका 
नगर निगम चुनावों के लिए सबसे पहले टिकटों का ऐलान करने के बाद अब टिकटें बदलने का रिर्काड भी अकाली दल के नाम हो गया है। जिसके तहत दो जगह पहले दी हुई टिकटें बदल दी गई हैं। इसकी मुख्य वजह पूर्व मेयर हरचरण सिंह गोलवडिया बने हैं। जिनके द्वारा वार्ड नं. 44 से टिकट की मांग की जा रही थी। लेकिन वहां विक्रम मजीठिया के दबाब में मीतपाल दुगरी को टिकट मिल गई। जिससे नाराज होकर पुर्व विधायक प्रेम मितल ने बैंस ग्रुप ज्वाइन कर लिया और गोलवडिया ने आजाद लडऩे की चेतावनी दे दी। क्योंकि जिस वार्ड 41 से वह पहले पार्षद थे, वो लेडीज रिर्जव होने कारण वहां से पूर्व पार्षद सोहन सिंह गोगा को टिकट दे दी गई थी। लेकिन मेयर की नाराजगी के चलते गोगा को साथ लगते वार्ड में शिफ्ट होने की पेशकश की गई। लेकिन गोगा इससे सहमत नही हुए तो उनकी टिकट काटकर पूर्व मेयर की पत्नी को दे दी गई और जिस वार्ड से गोगा को पेशकश की जा रही थी, वहां से बैंस का साथ छोड़कर आए रंजीत सिंह उभी को टिकट दे दी गई है। इसके अलावा अकाली दल ने वार्ड नं. 88 से दीपक शर्मा को दी हुई टिकट बदलकर भाजपा के मंडल प्रधान हरीश अरोड़ को दे दी है। जिनकी पिछले दिनों इस इलाके के कांगे्रस उम्मीदवार को सर्मथन देने की फोटो खूब वायरल हुई थी। 

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