इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट कर्मचारियों के खातों में डाला वेतन,पंजाब केसरी ने उठाया था मुद्दा

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Wednesday, November 15, 2017-4:35 PM

जालंधर  (पुनीत) : इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट के कर्मचारियों के खातों में अंतत: तनख्वाह पड़ ही गई। अार्थिक तंगी से जूझ रहे इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट के कर्मचारियों को 13 नवम्बर तक तनख्वाह न मिलने का मामला ‘पंजाब केसरी’ ने उठाया था, जिसके चलते आनन-फानन में ट्रस्ट कर्मचारियों के तनख्वाह के चैक बना कर बैंक भिजवा दिए गए।  


 94.97 एकड़ सूर्या एन्क्लेव एक्सटैंशन स्कीम के लिए करोड़ों रुपए का लोन ट्रस्ट ने ले रखा है जिसका ब्याज अदा करना भी ट्रस्ट के लिए मुश्किल हो रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि ट्रस्ट की उक्त स्कीम अधर में लटकी हुई है। इस स्कीम के कब्जे छुड़ा पाना भी ट्रस्ट के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। 


तनख्वाह में देरी होने के बारे में पूछे जाने पर ट्रस्ट के ई.ओ. जतिन्द्र सिंह ने आॢथक तंगी की बात स्वीकार की। सिंह ने कहा कि कोर्ट में एक पेमैंट करनी थी जिसके चलते तनख्वाह में देरी हुई। उन्होंने कहा कि चैक उन्होंने साइन कर दिए हैं व उन्हें बैंक भिजवा दिया गया है। 

 

निगम से 56 करोड़ मिलने से मिलेगी राहत
जब ट्रस्ट की माली हालत ठीक थी तब नगर निगम जालंधर की मांग पर इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट ने 56 करोड़ रुपए की सहायता की, जिसे वापस नहीं किया जा रहा है। मौजूदा समय में जब ट्रस्ट के आॢथक हालात खराब चल रहे हैं तो ट्रस्ट ने नगर निगम से मदद के रूप में दिए गए 56 करोड़ वापस लौटाने को कहा है। सूत्र बताते हैं कि बीते समय के दौरान इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट के ई.ओ. ने पत्र लिख कर निगम से राशि वापस लौटाने को कहा था। उम्मीद जताई जा रही थी कि निगम से राशि मिलने के बाद ट्रस्ट के हालात सुधरेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया, क्योंकि निगम ने राशि लौटाने में असमर्थता जताई है। 

 

जल्द होगी साइटों की नीलामी
ट्रस्ट द्वारा जल्द ही अपनी जायदादों की नीलामी करवाई जा रही है, ताकि ट्रस्ट के अकाऊंट में राशि आ सके और खर्च इत्यादि चल सकें। मौजूदा समय में ट्रस्ट की जायदादों के प्रति बोलीदाताओं में मोह है, जिसके चलते अब ट्रस्ट द्वारा अपनी जायदादों के दामों में गिरावट की जाएगी। ट्रस्ट के ई.ओ. जतिन्द्र सिंह का कहना है कि अप्रूवैल लेकर नीलामी प्रक्रिया शुरू करवाने के बारे में अधिकारियों को हिदायतें दी जाएंगी, ताकि इस क्रम में कदम बढ़ाया जा सके। 

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