इंसान नहीं हैवान हैं सऊदी अरब के शेख, सोनिया ने ऐसे खोली पोल

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Thursday, December 07, 2017-1:57 PM

फिल्लौर(भाखड़ी): विदेश मंत्रालय की मदद से सऊदी अरब से अपने बतन लौटी 40 वर्षीय महिला सोनिया ने कहा कि सऊदी अरब में इंसान नहीं राक्षस बसते हैं। वहां के लोग गुलामों से भी बुरा व्यवहार करते हैं और महिलाओं से रोजाना 18 घंटे काम लेते हैं। बीमार होने पर लोहे की रॉडों से पिटाई की जाती है और चोरी से खाना खाते पकड़े जाने पर 3 दिन भूखा रख कर पीटते हैं। सऊदी अरब से देर शाम 8 बजे वापस अपने देश लौटी सोनिया पत्नी लाल चंद वासी गांव अट्टी का अपने शहर फिल्लौर पहुंचने पर ‘आप’ के हलका इंचार्ज सरूप सिंह कडियाना, जिंदर संधू, समाज सेवक महेश टोनी, अमरीक जज्जा और शहर वासियों ने गुलदस्ते भेंट कर सम्मान किया। शहरवासियों से मिले प्यार और अपनी दोनों छोटी बेटियों को गले लगाकर सोनिया फूट-फूट कर रोने लगी। अपने बतन की मिट्टी को माथे लगा कर सोनिया ने कहा कि अरब कंट्री जाने वाले लोग खासकर महिलाएं सोच समझ कर फैसला लें, क्योंकि सऊदी अरब के शेख इंसान नहीं हैवान हैं। 

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घर की मजबूरी में ब्याज पर रुपए लेकर जाना पड़ा विदेश
सोनिया ने बताया कि उसकी 3 बेटियां बड़ी 19 वर्ष शादीशुदा और 2 छोटी 12 व 11 वर्ष हैं। पूरे परिवार का पालन-पोषण करने वाले उसके पति लाल चंद की गत वर्ष दुर्घटना में दोनों टांगें टूट गईं जिस कारण बच्चों के पालन-पोषण और 2 वक्त का खाना खाने के भी लाले पड़ गए। उसके नजदीकी गांव की महिलाएं जो विदेश दुबई गई थीं, उनकी बातों में आकर दोनों बेटियों की पढ़ाई और परिवार के पालन-पोषण की खातिर उसने भी दुबई जाने का मन बना लिया। उन्हीं महिलाओं द्वारा बताई गई दिल्ली की रहने वाली नेहा नामक महिला एजैंट के वह सम्पर्क  में आ गई। उसने 60 हजार रुपए ब्याज पर पकड़ एजैंट नेहा को दिए और इसी वर्ष अगस्त में वह सऊदी अरब पहुंच गई। 

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जिस घर को समझा स्वर्ग, वह नर्क से भी बदतर निकला 
सोनिया ने बताया कि जब वह मालिक अब्दुल अजीज के 3 मंजिला महलनुमा घर पहुंची तो उसे लगा कि वह स्वर्ग में आ गई है परंतु उसे बाद में पता चला कि स्वर्गनुमा दिखने वाला यह महल नर्क से भी बदतर है। 3 मंजिला महल में 13 लोग रहते थे जिसमें 12 कमरे बने हुए थे प्रात: 5 बजे से लेकर रात के 2 बजे तक घर की सफाई और उनके खाना बनाने में समय निकल जाता। 3 घंटे सोने के बाद उसे फिर उठा दिया जाता। उसे काम करते नींद न आए इसलिए मात्र 1 समय दोपहर को खाना खाने को मिलता। भूख लगने पर अगर वह चोरी से खाना खाते पकड़ी जाती तो उसे बुरी तरह से मारते-पीटते और सजा के तौर पर 3 दिन भूखा रख कर काम पर लगाते। अगर गलती से वह बीमार पड़ जाती तो दवाई की जगह उसे लोहे की रॉडों से पीटते। सोनिया ने कहा कि उसने ऐसी भयानक जिंदगी से छुटकारा पाने के लिए मरने की बात भी सोची।

एक के बाद एक एजैंट बेचते गए सोनिया को
सोनिया ने बताया कि उसने विदेश जाने के लिए नेहा को 60 हजार रुपए दिए। नेहा ने उससे 60 हजार रुपए लेने के बावजूद दुबई के एक एजैंट से उसका सौदा कर उसे उसके पास बेच दिया। जैसे ही वह दुबई के एजैंट के पास पहुंची तो उसने उसे आगे सऊदी अरब के एजैंट के पास बेच दिया। उक्त एजैंट ने उसे सऊदी अरब में पड़ते कस्बा अलमुरज के अब्दुल अजीज के पास बेच दिया। 

इस तरह लौटी स्वदेश 
सोनिया ने बताया कि 2 महीने पहले उसने किसी तरह अपने पति को फोन मिलाकर इस बारे में जानकारी दी। उसके पति ने इस संबंध में बैंक में काम करते अपने दोस्त सुरिंदर से बात की। उसके दोस्त सुरिंदर ने सोनिया से फोन पर बात कर उसे फोन चलाना और फोन पर लोकेशन बताने के संबंध में जानकारी दी। चौथी कक्षा तक पड़ी सोनिया को फोन चलाना सीखने में 1 महीने से ज्यादा का समय लगा। आखिरकार सोनिया फोन चलाना सीख गई और उसने अपने पति को अपनी लोकेशन के साथ रोते हुए मदद की एक वीडियो भी भेजी। लोकेशन पता चलने के बाद उसके पति ने ‘आप’ के हलका इंचार्ज सरूप कडियाना की मदद से एम.पी. भगवंत मान से बात की। भगवंत मान ने विदेश मंत्रालय पर दबाव बनाया जिसकी बदौलत आज सोनिया अपने घर अपने परिवार में सही सलामत पहुंच सकी। सोनिया ने बताया कि जब उसके मालिकों को पता चला कि उसके परिवार वालों ने विदेश मंत्रालय के पास उसकी रिहाई की शिकायत की है तो पहले उसके मालिक ने उसके पति को फोन कर कहा कि वह उसके 5 लाख रुपए वापस लौटाए जिसे देकर उसने उसकी पत्नी को खरीदा था। विदेश मंत्रालय के ज्यादा दबाव के बाद उसके मालिक ने पहले उसे बुरी तरह से मारा पीटा और उसके बाद जाकर उसे रिहा किया।
 

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