कौन तोड़ रहा हाईटैक केंद्र्रीय जेल का सुरक्षा कवच

  • कौन तोड़ रहा हाईटैक केंद्र्रीय जेल का सुरक्षा कवच
You Are HerePunjab
Saturday, December 02, 2017-4:04 PM

फिरोजपुर(चावला): लाखों रुपए खर्च करके हाईटैक की गई केंद्रीय जेल फिरोजपुर की सुरक्षा को लेकर बेशक जेल प्रशासन लाख दावे कर रहा है लेकिन इस जेल को अपनी शरणस्थली बनाए बैठे तस्कर अपराधी बड़ी आसानी से जेल के सुरक्षा कवच को भेद रहे हैं। गत दिनों जेल में घटी घटनाएं इस बात की गवाह हैं कि जेल में सब कुछ ठीक नहीं है। एक तरफ तो जेल में सुरक्षा फुलप्रूफ होने का दावा किया जाता है और दूसरी तरफ जेल में मिल रहे मोबाइल व कैमरों की तोड़-फोड़ कहीं न कहीं कथित तौर पर उन काली भेड़ों की ओर इशारा कर रही है, जो वर्दी की आड़ में जेल में बैठे अपराधियों की मदद कर रही हैं। 

बरामद हुए मोबाइल की कहां तक होती है जांच
जेल परिसर में बरामद होने वाले मोबाइल की जांच संबंधी पुलिस प्रशासन की गंभीरता को जानने का प्रयास किया गया तो इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए कि जेल में मिलने वाले लावारिस मोबाइल के संबंध में पर्चा दर्ज करके इसे पुलिस के हवाले कर दिया जाता है तथा वे इसे ट्रेसिंग के लिए साइबर क्राइम सैल को भेज देते हैं।

मोबाइल विशेषज्ञों की राय
मोबाइल फोन के संबंध में ज्ञान रखने वाले से जब यह जानने का प्रयास किया गया कि क्या किसी लावारिस फोन से हुई बातचीत व बिना सिम के मिले मोबाइल की काल डिटेल की जांच हो सकती है तो उसका कहना था कि सिम वाले व बिना सिम के मोबाइल पर हुई बातचीत कैसे होती है, का ब्यौरा सामने लाया जा सकता है इसके लिए पुलिस प्रशासन द्वारा साइबर क्राइम सैल बनाया गया है, जो मोबाइल कम्पनियों के साथ तालमेल कर वांछित नंबरों की डिटेल मंगवा सकता है तथा मोबाइल फोन की लोकेशन भी ट्रेस की जा सकती है। वर्णननीय है कि जेल में किसी भी कैदी या हवालाती के आने पर कर्मचारी सिर से लेकर पांव तक पहने कपड़ों-जूतों के अतिरिक्त साथ लाए सामान की गहनता से चैकिंग करते हैं। इतनी कड़ी तलाशी के बावजूद कैदी या हवालाती तक मोबाइल फोन पहुंचने का क्रम बिना किसी की मिलीभगत के असंभव है। सरकार द्वारा पंजाब की सभी जेलों में जैमर लगाने का दावा तो किया जाता है परन्तु कई अड़चनें ऐसी हैं जो इस कार्य को रोक रही हैं। इस तरफ सख्त ध्यान देने की जरूरत है।

अपना सही जीवनसंगी चुनिए| केवल भारत मैट्रिमोनी पर- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन