रक्खड़ पुन्या कार्यक्रम में भगवंत मान फूंकेंगे चुनावी बिगुल

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Monday, August 07, 2017-9:30 AM

जालंधर  (बुलंद): पंजाब विधानसभा चुनावों में बुरी तरह हार के बाद आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई में पैदा हुई गुटबाजी और अंतर्कलह में से यह नतीजा सामने आया था कि अगर दिल्ली के नेताओं ने पंजाब में मनमर्जी न चलाई होती तो शायद पंजाब में ‘आप’ की दशा इतनी खराब न होती। 


मामले बारे पार्टी सूत्रों की जानकारी अनुसार आगामी गुरदासपुर लोकसभा सीट पर उप चुनाव के लिए ‘आप’ हाईकमान ने यह फैसला लिया है कि इस चुनाव में पार्टी की दिल्ली लीडरशिप कोई दखल नहीं देगी। गुरदासपुर उप चुनाव में सारी योजनाबंदी और तैयारी पंजाब इकाई ही करेगी। ‘आप’ पंजाब में राज्य इकाई के गठन के बाद लगातार जिला इकाइयों के गठन में लगी है ताकि आगामी निगम चुनावों में भी पार्टी पूरा दमखम दिखा सके। चाहे अभी तक गुरदासपुर चुनावों और निगम चुनावों की तारीख तय नहीं हो पाई पर पार्टी की ओर से लगातार गुरदासपुर उप चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के नाम के लिए सर्वेकरवाया जा रहा है। इस मौके पार्टी की लिस्टमें इस सीट से उम्मीदवारी के लिए जो नाम शामिल हैं उनमें कंवरप्रीत काकी, लखबीर सैणी और गुरप्रताप सिंह आदि हैं।

 
जानकारी के अनुसार हो सकता है कि जिस प्रकार प्रसिद्ध अभिनेता और भाजपा के सांसद विनोद खन्ना की मृत्यु के बाद इस सीट पर से भाजपा फिर किसी प्रसिद्ध हस्ती 
को या अभिनेता को उतारने का मन बना रही है उसी तरह ‘आप’ भी किसी ऐसी ही हस्ती को इस सीट से उतारे, पर अभी सब कागजी प्लान ही है देखना होगा कि इस मामले में पार्टी क्या फैसला लेती है।

 

उधर, मामले बारे पार्टी के सीनियर नेताओं की जानकारी के अनुसार इस बार गुरदासपुर उप चुनाव में पार्टी की दिल्ली में बैठी लीडरशिप कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। यहां तक कि पार्टी द्वारा गुरदासपुर चुनाव में प्रचार के लिए भी दिल्ली से ज्यादा नेता नहीं भेजे जाएंगे। प्रचार की भी सारी जिम्मेवारी पंजाब इकाई के सिर ही होगी और चुनावी मुद्दे भी लोकल मांगों के अनुसार ही निर्धारित किए जाएंगे।

 

पार्टी सूत्रों के अनुसार रक्खड़ पुन्या के बाबा बकाला के कार्यक्रम में ‘आप’ पंजाब के प्रधान भगवंत मान गुरदासपुर उप चुनाव का बिगुल फूंकें गे और साथ ही इस सीट पर होने वाले त्रिकोणीय मुकाबले का काऊंटडाऊन भी शुरू हो जाएगा, क्योंकि इस सीट पर जहां ‘आप’ द्वारा अच्छा प्रदर्शन करना एक चुनौती होगा वहीं भाजपा के लिए अपनी इस सीट को बचाए रखना बड़ा स्वाल होगा ।


 

वहीं ‘आप’ गुरदासपुर उप चुनाव के लिए जो चुनावी योजनाबंदी कर रही है उसमें मुख्य रूप से अकाली-भाजपा और कांग्रेस के राज में गुरदासपुर में न हो पाने वाले विकास और नशे के मुद्दे को पहल के आधार पर लोगों के बीच ले जाया जाएगा। इसके अलावा गुरदासपुर की जनता के लोकल मुद्दों और समस्याओं को आधार बनाकर चुनावी जंग लडऩे की तैयारी आम आदमी पार्टी ने की है। उधर ‘आप’ ने गुरदासपुर में भाजपा के ही कुछ नेताओं और वर्करों को अपने साथ जोडऩे में सफलता हासिल की है जो जी.एस.टी. के बाद भाजपा की नीतियों से खफा हो गए थे। अब देखना होगा कि आम आदमी पार्टी की सारी योजनाबंदी क्या रंग लाती है और चुनावों के क्या नतीजे सामने आते हैं?

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