अयोध्या राम मंदिर समझौते का प्रयास मात्र राजनीतिक शगूफा: मौलाना सज्जाद नोमानी

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Saturday, November 18, 2017-1:28 AM

लुधियाना(कुलवंत): ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना सज्जाद नोमानी ने फील्डगंज स्थित जामा मस्जिद में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि श्री श्री रवि शंकर के पास कोई भी संवैधानिक हक नहीं कि वह अयोध्या में राम मंदिर की मध्यस्थता करे बल्कि यह तो मात्र भाजपा का चुनावी शगूफा है क्योंकि गुजरात चुनाव सिर पर है और वह इस मुद्दे को उभार कर हिन्दू वोटरों को लुभाना चाहती है। चुनावों में हिन्दू वोट लेने के बाद भाजपा इस मुद्दे को भी हर बार की तरह भूल जाएगी। 

उन्होंने साफ कहा कि अगर सरकार का राम मंदिर संबंधी केस इतना मजबूत है तो उसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करना चाहिए। साथ ही उनका कहना था कि मध्यस्थता उस समय की जाती है जब अदालत में दोनों पक्ष लिखकर दें कि ऐसे मसले को मिल-बैठ कर हल किया जा सकता है, जबकि रवि शंकर तो अदालत में चल रहे केस में पार्टी तक नहीं है बल्कि वह तो भाजपा के इशारे पर इस मुद्दे को भुना रहे हैं। मौलाना नोमानी ने कहा कि देश के संविधान को इस समय गहरा खतरा उत्पन्न हो गया है। 15 फीसदी लोग डरा-धमका कर 85 फीसदी लोगों के ऊपर अपना संविधान थोपना चाहते हैं जिससे अकेले मुस्लिम ही नहीं प्रत्येक समुदाय इस समय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

कश्मीरियों को नहीं मानती केंद्र सरकार अपना 
मौलाना नोमानी ने कहा कि कश्मीर भारत का अटूट अंग है लेकिन केंद्र सरकार कश्मीरियों को अपना हिस्सा नहीं मानती, जिस कारण इस मसले का हल नहीं हो पा रहा। सरकार को चाहिए कि वहां के लोगों को पहले अपने देश का हिस्सा माने और उसके बाद इस मसले का हल खोजे। उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब नोटबंदी की गई तो उस समय देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि इससे आतंकियों को विदेशों से फंडिंग नहीं होगी और आतंकवाद भी खत्म हो जाएगा, लेकिन कश्मीर में हर रोज सैनिक भी मर रहे हैं और आतंकी कार्रवाइयां भी जारी हैं। इस अवसर पर मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी, मौलाना वली शुमाली, गुलाम हसन कैसर व मोहम्मद मुस्तकीन भी मौजूद थे। 

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