कैप्टन अमरेंद्र सिंह की विरोधी पक्ष से अपील: केवल निंदा करने के लिए ही आलोचना न करो

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Tuesday, November 21, 2017-1:33 AM

चंडीगढ़(पराशर): पंजाब के मुख्यमंत्री कै. अमरेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी सरकार चाहे स्वस्थ आलोचना का स्वागत करती है परंतु इससे विपक्ष को भी केवल ङ्क्षनदा करने के  लिए ही सरकार की आलोचना करने से परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 15वीं विधानसभा के समूह विधायकों को पवित्र सदन की वैधानिक कार्यप्रणाली अनुसार सदाचार और शिष्टाचार को अपनाना चाहिए। 

सोमवार को पंजाब विधानसभा द्वारा महात्मा गांधी लोक प्रशासन संस्था के सहयोग से करवाए जा रहे 2 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन विधायकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष के सदस्यों को बड़े लोक हित में रचनात्मक और सकारात्मक भूमिका अदा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां व कार्यक्रमों की रचनात्मक आलोचना जनपक्षीय प्रयासों को प्रभावी ढंग से प्रयोग में लाने के लिए सार्थक परिणाम निकालने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने विधायकों को पवित्र सदन को उसका उचित सम्मान देने का भी आह्वान किया है। 

मुख्यमंत्री ने विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों और पंजाब के संदर्भ में सार्वजनिक मामले उठाने के समय नैतिक मूल्यों पर आधारित नैतिकता अपनाने का न्यौता दिया। उन्होंने सदस्यों को सार्वजनिक हित में अहम मुद्दों को उठाने के समय वैधानिक कार्रवाई संबंधी पकड़ बनाने, वैधानिक प्रक्रिया के प्राथमिक सदाचार और शिष्टाचार, सदन की परंपरा और मर्यादा अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। 

लोग ही लोकतंत्र के असली रखवाले: राणा के.पी. सिंह
इससे पहले मुख्यमंत्री और सदन के नेता तथा समूह विधायकों का औपचारिक स्वागत करते हुए स्पीकर राणा के.पी. सिंह ने कहा कि कै. अमरेंद्र सिंह द्वारा यह प्रयास शुरू करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था जिसका उद्देश्य नए सदस्यों को विधानसभा की परंपराओं और कार्यविधि संबंधी अवगत करवाना है। उन्होंने कहा कि यह प्रोग्राम सदन के सदस्यों को लोगों के हित में अपनी भूमिका और कत्र्तव्यों को निभाने के लिए बहुत सहायक होगा क्योंकि लोग ही लोकतंत्र के असली रखवाले हैं। 

सदन की बैठकों में संख्या की बढ़ौतरी हो: खैहरा
इन प्रयासों का स्वागत करते हुए विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि इससे विधानसभा जिसको लोकतंत्र का मजबूत स्तम्भ माना जाता है, के नैतिक मूल्य और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रोग्राम विशेष तौर पर पहली बार विधायक चुने जाने वालों के लिए अधिक सहायक होगा। खैहरा ने सदन की बैठकों की संख्या में बढ़ौतरी किए जाने की जरूरत पर जोर दिया ताकि सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों के मामलों को उठाने का मौका मिल सके।

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