कृषि दफ्तर बना युद्ध का मैदान

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Tuesday, September 26, 2017-3:39 PM

बरनाला(विवेक सिंधवानी,गोयल): कृषि दफ्तर पिछले सप्ताह से युद्ध का मैदान बना हुआ है। अभी आत्मा वर्करों व कृषि अफसर के मध्य हुई लड़ाई की खबर की स्याही सूखी भी नहीं थी कि फिर से कृषि कार्यालय में उस समय जमकर हंगामा हुआ जब कृषि विभाग के 2 अफसर आपस में भिड़ गए। दोनों अफसरों ने जहां एक-दूसरे पर पगड़ी उतारने का आरोप लगाया, वहीं मामला थाने में पहुंच गया।  

जांच करके की जाएगी कार्रवाई
जब इस संबंधी जांच अधिकारी जगतार सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी शिकायत लिखित तौर पर दी है, मामले की जांच की जाएगी। इसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

पैसे मांगने के आरोप सरासर झूठ
भूमि अफसर सर्वजीत सिंह जिनके पास मुख्य कृषि अफसर की पावर भी है, ने कहा कि यादविन्द्र सिंह ने उसके दफ्तर में आकर उसकी जूतों से पिटाई करनी शुरू कर दी व उसकी पगड़ी भी इस कारण उतर गई। और जो वार्षिक रिपोर्ट बनाने के पैसे मांगने के आरोप लगाए जा रहे हैं वे सरासर झूठ हैं। इसमें कोई सच्चाई नहीं। उसने व्हाट्स एप ग्रुप में एक वीडियो मैसिज डाला था जिसमें किसान पराली को आग लगाने को कह रहा था, जबकि महकमे की हिदायतें हैं कि किसी ने भी पराली को आग नहीं लगानी, इस कारण उसको व्हाट्स एप ग्रुप से निकालने के लिए कहा था जिस कारण उसने आकर मारपीट करनी शुरू कर दी। 

डायरैक्टर को बनाकर भेजी जाएगी रिपोर्ट : डी.सी. 
जब इस संबंधी डी.सी. घनश्याम थोरी से बात की तो उन्होंने कहा कि कृषि महकमे में 2 अफसरों की आपस में लड़ाई हुई है तो उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है, इस संबंधी कृषि विभाग के डायरैक्टर को रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी। 

कृषि अफसर ने नोची मेरी दाढ़ी, करता है पैसों की मांग 
थाना सिटी में बातचीत करते हुए कृषि अफसर यादविन्द्र सिंह ने कहा कि भूमि अफसर सर्वजीत सिंह जिसके पास मुख्य कृषि अफसरों की पावरें हैं वह वार्षिक रिपोर्ट बनाने के बदले उनसे पैसे की मांग करता है। इस संबंधी उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री को भी लिखित तौर पर शिकायत की हुई है। इसी अधिकारी ने आत्मा वर्करों के साथ भी दुव्र्यवहार किया था।

इस उसके साथ भी दुर्व्यवहार किया। जब वह कार्यालय में किसी काम के लिए आया तो उक्त अफसर ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया व उसकी दाढ़ी नोच ली, जिसकी लिखित शिकायत उन्होंने थाना सिटी में दी है। मारपीट के कारण उसकी पगड़ी भी नीचे गिर गई। रंजिश यह थी कि उसने उसे कृषि महकमे के व्हाटस एप ग्रुप में से बाहर निकाल दिया। जबकि वे महकमे की हिदायतों के अनुसार गांवों में कैंप लगा रहे हैं जिसकी सूचना वे व्हाट्स एप में देते हैं। जब उसने उससे व्हाट्स एप ग्रुप से बाहर निकालने का कारण पूछा तो उसने उससे मारपीट शुरू कर दी। 

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