पावर कॉम ने उपभोक्ता के बिलों में बकाया राशि जोड़ी तो ऑफिसरों पर लगेगा जुर्माना

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Tuesday, April 11, 2017-2:22 AM

खन्ना(शाही): पावर कॉम उपभोक्ताओं के बिलों में बिना किसी विवरण के अपनी बकाया राशि वसूलता रहता है। अब रैगुलेटरी कमीशन ने एक सख्त आदेश पारित कर पावर कॉम के ऑफिसरों को चेतावनी दी है कि अगर किसी भी उपभोक्ता के बिल में बकाया राशि का बिल अलग से बना कर पूरे विवरण के साथ नहीं भेजा तो बिल जारी करने वाले पावर कॉम के ऑफिसरों पर जुर्माना लगाया जाएगा। 

पावर कॉम द्वारा उपभोक्ताओं के बिलों में ऑडिट पार्टी द्वारा निकाली गई राशि या कोई पुराना अंतर उपभोक्ताओं के बिलों में जमा कर वसूला जाता रहा है जिसके बारे में जारी किए गए बिल में कोई विवरण नहीं दिया जाता। घरेलू उपभोक्ताओं के बिलों में सैंकड़ों में राशि होने पर उपभोक्ता बिना इसकी डिटेल जाने जमा करवा देते हैं लेकिन औद्योगिक उपभोक्ताओं के बिलों में कभी-कभी लाखों रुपए मासिक बिलों में बिना कोई विवरण दिए जोड़ दिए जाते हैं। 

इस बाबत ऑल इंडिया स्टील री-रोलर्ज एसोसिएशन (आईसरा) ने एक पत्र लिखकर चेयरमैन रैगुलेटरी कमीशन को शिकायत की कि उद्योपतियों के बिलों में जब लाखों रुपए बिना विवरण दिए जोड़ दिए जाते हैं तो उन्हें पावर कॉम के ऑफिसों में बहुत चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसी बकाया राशि के बारे में जानने के लिए जबकि रैगुलेटरी कमीशन ने कानून बना रखा है जिसमें प्रावधान किया गया है कि कोई भी बकाया राशि की रकम अलग से बिल बना कर पूरे विवरण के साथ उपभोक्ताओं को भेजनी होती है। 

आईसरा के पत्र को सू-मोटो पटीशन मानकर रैगुलेटरी कमीशन ने अब आदेश पारित कर दिया है कि अगर किसी भी उपभोक्ता को बिना कोई विवरण दिए अलग से बिल न भेज कर नियमित बिल में रकम जोड़ी गई तो पावर कॉम के ऑफिसर पर इलैक्ट्रीसिटी एक्ट की धारा 142 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। 

क्या है धारा 142 व आदेशों का प्रभाव
बिजली नियमों की धारा 142 में प्रावधान किया गया है कि अगर रैगुलेटरी कमीशन के किसी भी आदेश की उल्लंघना की जाती है तो उल्लंघना करने वाले ऑफिसर के विरुद्ध प्रति उल्लंघना पर 1 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इस तरह अगर पावर कॉम ने किसी भी उपभोक्ता के बिल में 1 हजार रुपए का भी बकाया किसी के बिल में लगा कर भेज दिया तो इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारी पर एक लाख रुपए जुर्माना लग सकता है।

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