नशामुक्ति  केंद्रों की आड़ में 3000 आतंकी तैयार

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Wednesday, September 13, 2017-1:19 PM

गुरदासपुर  (विनोद): आतंकवादियों की नर्सरी के  नाम से विश्व भर में बदनाम पाकिस्तान ने अब आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने के लिए नया ढंग अख्त्यार करते हुए नशामुक्ति केंद्रों की आड़ लेनी शुरू कर दी है।

खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विदेशी मदद से पाकिस्तान में चल रहे नशामुक्ति केंद्रों में इस समय 3000 आतंकी प्रशिक्षण लेकर आतंक फैलाने के लिए पूरी तरह से तैयार बैठे हैं। खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक इनको भारत में घुसपैठ करवाने के लिए अक्तूबर तक का समय चुना गया है। 

नशामुक्ति के लिए मदद से फलफूल रहा आतंकवाद 
पाकिस्तान की गुप्तचर एजैंसी इन नशामुक्ति केंद्रों को चलाने के नाम पर मुस्लिम देशों से मोटी सहायता राशि ले रही है। अकेले मुजफ्फराबाद के नशामुक्ति केंद्र के लिए विदेश से हर साल करोड़ों रुपए सहायता के रूप में आई.एस.आई. हासिल करती है, परंतु एक-दो नशामुक्ति केंद्रों को छोड़कर अधिकतर नशामुक्ति केंद्र आई.एस.आई. ने आतंकवादी संगठनों के शस्त्र ट्रेनिंग सैंटर बना दिए हैं जबकि इन सैंटरों की इमारतों के बाहर नशामुक्ति केंद्र या पुनर्वास केंद्र लिखा मिलता है। सूत्रों के अनुसार मुजफ्फराबाद में चल रहे ट्रेङ्क्षनग सैंटर का कंट्रोल पूरी तरह से आई.एस.आई. के हाथ में है। मुजफ्फराबाद में चल रहे ट्रेनिंग सैंटर का स्थानीय लोगों द्वारा कई बार विरोध भी किया जा चुका है। 

 नशामुक्ति केंद्रों में मानसिक रूप से आतंकी तैयार
सीमा पार सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने 2 तरह की स्ट्रैटेजी अपनाई है। पहली स्ट्रैटेजी के तहत कराची, लाहौर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी, गुजरांवाला, मुलतान, हैदराबाद, पेशावर, फैसलाबाद, क्वेटा, सरगोधा, सियालकोट, बहलवपुर और एबटाबाद में सरकारी नशामुक्ति केंद्र चल रहे हैं। इन केंद्रों में नए चुने आतंकवादियों को मानसिक रूप से आतंक फैलाने के लिए तैयार किया जाता है। इन केंद्रों में मनोचिकित्सकों की ड्यूटी इनको हिप्नोटाइज कर कट्टरवाद और आतंक के लिए तैयार करना है। 

  कट्टर बनने पर ट्रेनिंग मुजफ्फराबाद में
 नए भर्ती आतंकी जब पूरी तरह से कट्टर हो जाते हैं तब इन्हें सैकेंड स्टेज में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। सैकेंड स्टेज में इन्हें मुजफ्फराबाद स्थित नशामुक्ति केंद्र जोकि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चल रहा है, में भेज दिया जाता है।

मालखाने से 3 लाख से ज्यादा हथियार गायब, आतंकी संगठनों के पास पहुंचे
पाकिस्तान स्थित पंजाब पुलिस ने बेशक आतंकवाद संबंधी कई बड़ी सफलताएं प्राप्त कर आतंकवादियों से आधुनिक व खतरनाक शस्त्र बरामद किए थे परंतु सच्चाई यह है कि जितने भी शस्त्र पुलिस ने आतंकवादियों सहित अन्य अपराधियों से बरामद किए थे, उनमें से अधिकतर दोबारा प्रमुख आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को ही सौंप दिए गए हैं। इस संबंध में नवाज शरीफ सरकार द्वारा जब गुप्त ढंग से जांच करवाई गई तो पाया गया कि पाकिस्तान के राज्य पंजाब में पुलिस ने बीते 10 सालों में जो शस्त्र आतंकवादियों से बरामद किए थे उनमें से 3 लाख 13 हजार शस्त्र पुलिस मालखाने से गायब पाए गए। इन शस्त्रों बारे कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की गुप्तचर एजैंसी आई.एस.आई. के दिशा-निर्देश पर ही ये सभी शस्त्र जैश-ए मोहम्मद को वापस किए गए हैं।

गायब बताए जा रहे हथियार 
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान सरकार के पास जो गुप्त रिपोर्ट पहुंची है, उसे बहुत ही गुप्त रखा जा रहा है क्योंकि यह रिपोर्ट पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बदनाम कर सकती है। बीते 10 सालों में बरामद हथियारों में से जो हथियार लापता बताए जाते हैं उनमें क्लाशनिकोव राइफल-4490, साधारण राइफल-43,954, विभिन्न बोर की बंदूकें 66,695, ग्रेनेड-3454 सहित रिवॉल्वर, पिस्टल, कार्बाइन व गोली-सिक्का शामिल हैं। जो रिपोर्ट तैयार की गई है उसमें स्पष्ट लिखा है कि बीते 10 सालों में पंजाब पुलिस ने कुल 5128 क्लाशनिकोव राइफल्स आतंकियों से बरामद की थीं जबकि मालखाने में मात्र 638 ही पहुंचीं। इसी तरह 52,307 राइफल्स पकड़ी गईं परंतु मालखाने में 8353 ही जमा हुईं।  बंदूकें 79,973 आतंकवादियों से पकड़ी गई थीं जबकि मालखाने में 13,278 जमा हुईं।

इस्लामी संघर्ष के लिए भारत में तैयार किए जा रहे अड्डे
आई.एस.आई. के निर्देश पर पाकिस्तानी नेताओं ने भी कश्मीर के मुद्दे को अब प्राथमिकता पर रखकर कश्मीर मसले के समाधान संबंधी बयानबाजी शुरू कर दी है जो आने वाले समय में तेज हो सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आई.एस.आई. ने भारत में इस्लामी संघर्ष को तेज करने के लिए तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात में अपने अड्डे स्थापित करने शुरू कर दिए हैं। इन राज्यों में अपनी योजना को सफल बनाने की कोशिश में आई.एस.आई. के कुछ एजैंट पकड़े भी गए हैं। उन्होंने यह स्वीकार किया है कि सहारनपुर को ग्रीन बैल्ट बनाने के लिए वे सक्रिय थे तथा यहां से ही मेरठ, बरेली, पीलीभीत, मुजफ्फराबाद, कानपुर, बिजनौर तथा देहरादून इलाकों में अपना जाल बिछाने में व्यस्त थे। आतंकवादियों को ट्रेङ्क्षनग देने के लिए बंगलादेश में भी कई कैम्प चल रहे हैं। 

अब विदेशी भाड़े के आतंकवादियों से काम लेगी आई.एस.आई.

आई.एस.आई. ने चीन में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों की चर्चा के कारण बने अंतर्राष्ट्रीय दबाव के चलते कश्मीर सहित भारत के दूसरे राज्यों में आतंकवादी घटनाओं में दोबारा तेजी लाने के लिए आतंकवादी संगठनों की कमान अब विदेशी भाड़े के आतंकियों को सौंपी है। मुम्बई हमले सहित अन्य कई केसों में पाकिस्तान की संलिप्तता पाए जाने के कारण पाकिस्तान की विश्व भर में बदनामी हो रही है। इस बदनामी के चलते पाकिस्तान अब कोई ऐसा कदम नहीं उठा सकता जिससे पाकिस्तान पर अमरीका सहित कुछ अन्य देश आर्थिक पाबंदी लगा दें। 

चीन में ब्रिक्स सम्मेलन में पाकिस्तान को पड़ी लताड़ के कारण पाकिस्तान की गुप्तचर एजैंसी आई.एस.आई. ने नई योजना बनाकर कश्मीर में पुन: हालात खराब करने के लिए मिस्र, अल्जीरिया, बहरीन, सूडान, लेबनान तथा अफगानिस्तान के भाड़े के  आतंकियों को कश्मीर भेजने की प्लाङ्क्षनग बनाई है। सीमा पार सूत्रों के अनुसार इस समय लगभग भाड़े के आतंकी भारतीय सीमा के साथ लगते पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चल रहे ट्रेनिंग सैंटरों में शस्त्र ट्रेङ्क्षनग ले रहे हैं। इन आतंकवादियों को भारत भेजने के लिए सारी तैयारी भी पूरी कर ली गई है।

पापुलर अर्थ एंड इस्लामिक कांग्रेस पाक की मदद में  
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस समय पाकिस्तान की मदद में पापुलर अर्थ एंड इस्लामिक कांग्रेस खुलकर आ गई है जिसने अपने एजैंटों को कश्मीर मामले में पाकिस्तान का खुलकर साथ देने और पाकिस्तान की इस मसले में हरसंभव मदद करने को कह दिया है। पापुलर अर्थ एंड इस्लामिक कांग्रेस के इस समर्थन से विदेशी भाड़े के आतंकवादियों की पाकिस्तान आने में तेजी आई है। अरब देशों के नौजवान अब पाकिस्तान को हर सहयोग देने को तैयार हो गए हैं। 

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