अढ़ाई साल से सक्रिय था आतंकी गाजी बाबा

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Friday, April 21, 2017-9:59 AM

जालंधर(शौरी): बस्ती शेख के गुरु संत नगर निकट काला संघिया रोड में किराए के क्वार्टर में रहने वाले गाजी बाबा उर्फ मुजिम्मिल उर्फ जीशान वासी उन्नाव के पकड़े जाने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। उसके साथ क्वार्टर के आसपास रहने वाले लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि करीब 20 वर्ष की आयु व शक्ल से भोला-भाला दिखने वाला गाजी बाबा आतंकवादी हो सकता है। जैसे ही ए.सी.पी. हैडक्वार्टर सतिंद्र चड्ढा, ए.सी.पी. वैस्ट कैलाश चंद्र ने एंटी टैरारिस्ट स्क्वायड यू.पी. के साथ गाजी बाबा के क्वार्टर पर सर्च की तो लोग हैरान रह गए।छोटे से क्वार्टर में रसोई भी बनी हुई थी और बिस्तर व अन्य सामान भी पड़ा था। पुलिस ने पूरे क्वार्टर में काफी देर तक जांच की और संदिग्ध सामान को कब्जे में लिया। हालांकि पुलिस ने किसी को कुछ नहीं बताया कि गाजी बाबा को क्यों काबू किया है। पूरे इलाके के लोग यह देखने के लिए छतों व सड़कों पर मौजूद थे, हालांकि इस स्थान पर मुस्लिम समुदाय के लोग अधिक रहते हैं। गाजी बाबा अढ़ाई साल से बस्तीयात इलाके में सक्रिय हो घूम रहा था। मौके पर इकट्ठा हुए लोगों की जुबान पर एक ही सवाल था कि कहीं गाजी बाबा जालंधर में कोई वारदात करने की फिराक में तो नहीं था।

क्वार्टर मालिक के खिलाफ भी हो सकती है कार्रवाई
वहीं ए.सी.पी. वैस्ट कैलाश चंद्र का कहना है कि वह भी मामले की जांच कर रहे हैं कि गाजी बाबा के सम्पर्क में और कौन से लोग बस्तीयात इलाके में सक्रिय थे। इसके साथ पुलिस उक्त इलाके में रहने वाले संदिग्ध लोगों की सूची तैयार करने के साथ इस बात का भी पता करवा रही है कि दूसरे राज्यों में से बस्तीयात इलाके में रहने आए लोग खास तौर पर अकेले रहने वाले ऐसे लोग कोई वारदात करके जहां आए हैं या नहीं? ए.सी.पी. कैलाश चंद्र का कहना है कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गाजी बाबा को क्वार्टर किराए पर देने वाले मालिक ने थाना ५ की पुलिस को सूचित किया था या नहीं। क्योंकि मकान मालिक को किराएदार रखने से पहले पुलिस को सूचित करना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो मकान मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज होगा। ए.सी.पी. वैस्ट ने अपील की है कि बस्तीयात इलाके में मकान मालिक किराएदारों के बारे में संबंधित थाने की पुलिस को सूचना दें। कानून के मुताबिक यह जरूरी है नहीं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

टी.वी. देखकर पता चला कि वह आतंकवादी है
इलाके के लोगों का कहना था कि वह सबको अपना नाम मुजिम्मिल ही बताता था और वह कढ़ाई का काम करने के लिए सुबह चला जाता था और रात को वापस आता था। अल्ला को मानने वाला मुजिम्मिल 5 टाइम नवाज भी पढ़ा करता था। उन्हें तो पहले यकीन ही नहीं हुआ जैसे ही टी.वी. लगाकर देखा तो पता चला कि उसका असली नाम गाजी बाबा है और वह आतंकवादी है।

हमेशा चुपचाप व फोन पर व्यस्त रहता था
आतंकवादी गाजी बाबा के साथ क्वार्टर पर रहने वाला मोहम्मद आमीर उसे कढ़ाई का काम सिखा रहा था, इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि गाजी बाबा हर माह 2 हजार रुपए उसे क्वार्टर का किराया और रोटी के पैसे देता था। जिस क्वार्टर में वह रहता था, वहां केवल 2 ही क्वार्टर बने हुए हैं, छोटे से क्वार्टर में वह खुद रहता था, जबकि बड़े क्वार्टर में मोहम्मद आमीर उसकी पत्नी रेशमा व बच्चे रहते थे। रेशमा के मुताबिक गाजी बाबा हमेशा चुपचाप और फोन पर व्यस्त रहता था। यदि वह उसे खाना खाने को दे, तभी वह खाता था अन्यथा वह खाना मांगता ही नहीं था।

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