कैबिनेट मंत्री के शहर के सिविल अस्पताल में मरीज हो रहे परेशान

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Thursday, September 14, 2017-11:44 AM

नाभा (गोयल): नाभा के सिविल अस्पताल में कमियों के चलते मरीज भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

ऐसा ही मामला सिविल अस्पताल में देखने को मिला जब अपने छोटे बच्चे के साथ अपना उपचार करवाने आई महिला मरीज को अस्पताल में कमियों के चलते भारी परेशानी हुई। नाभा के पाठकां स्ट्रीट निवासी महिला ऋतु गोयल ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि वह सिविल अस्पताल में दंत चिकित्सक के पास अपना उपचार करवाने आई थी। दंत चिकित्सक द्वारा अस्पताल की पर्ची पर लिखे टैस्टों को करवाने के लिए जब वह सिविल अस्पताल की लैबोरेटरी में पहुंची तो उसे अलग पर्ची पर टैस्ट लिखवाकर लाने के लिए कहा गया। 

महिला ने बताया कि वह अपने छोटे बच्चे के साथ फिर चिकित्सक के पास गई और एक अलग स्लिप पर टैस्ट लिखवाकर लाई। उसने बताया कि स्लिप पर लिखे बाकी टैस्ट को अस्पताल की ओर से नि:शुल्क किए गए पर एक सी.आर.पी. टैस्ट के उसे 60 रुपए जमा करवाने के लिए कहा गया।

जब उसने अपने पति को टैस्ट की फीस जमा करवाने के लिए भेजा तो सीट पर बैठी लड़की को यह तक नहीं पता था कि लैब की ओर से जो 60 रुपए जमा करवाने के लिए कहा गया है वह किस टैस्ट के हैं। लड़की ने फिर लैब जाकर पेड टैस्ट बारे लिखने को कहा गया। इसके अलावा महिला ने बताया कि जब वह अस्पताल में बनी डिस्पैंसरी में दवाई लेने के लिए गई तो उसे वहां भी निराशा ही हाथ लगी क्योंकि चिकित्सक द्वारा लिखी 2 दवाइयों में से उसे एक ही मिल पाई।

क्या कहते हैं एस.एम.ओ.
जब इस संबंधी एस.एम.ओ. डा. दलबीर कौर से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि आज टैस्ट की फीस काटने वाली सीट पर नई लड़की बैठी है। इसलिए ऐसा हुआ होगा। डिस्पैंसरी में दवा न मिलने पर पूछे गए प्रश्र पर उन्होंने बताया कि इस दवा का अल्ट्रनैट डिस्पैंसरी में मौजूद है और उन्होंने तुरंत डिस्पैंसरी में दवाई का अल्ट्रनैट देने के आदेश दिए।

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