पंजाब सरकार स्वाइन फ्लू को लेकर गंभीर नहीं,200 से अधिक केस आए सामने

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Thursday, December 14, 2017-11:38 AM

अमृतसर(दलजीत): पंजाब सरकार स्वाइन फ्लू को लेकर गंभीर नहीं है। वर्ष 2017 के जुलाई और अगस्त माह में 200 से अधिक पॉजीटिव मरीज सामने आने के बाद भी सरकार द्वारा सरकारी मैडीकल कालेज में स्वाइन फ्लू के एन-1, एच-1 टैस्ट वाली किट उपलब्ध नहीं करवाई हैं।

सरकार की नालायकी के कारण अमृतसर सहित दूसरे जिलों में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के टैस्ट पी.जी.आई. या प्राइवेट लैब में भेजे जा रहे हैं। पंजाब सरकार की तरफ से स्वाइन फ्लू के टैस्ट के लिए सरकारी मैडीकल कालेज अमृतसर और सरकारी मैडीकल कालेज पटियाला में विशेष लैब बनाई गई हैं। सरकार द्वारा इन लैब में स्वाइन फ्लू किट के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आई.सी.एम.आर.) नई दिल्ली के साथ तालमेल करके किट मंगवाई जाती हैं, परन्तु स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आने के बावजूद भी किट नहीं मंगवाई गई। एक किट की कीमत करीब 1.25 लाख के करीब है, जिसमें 25 मरीजों के सैंपल लिए जा सकते हैं। स्वाइन फ्लू का वायरस इस वर्ष मिसीगन स्ट्रेन के रूप में विकसित हुए है। मिसीगन स्ट्रेन स्वाइन फ्लू की वह अवस्था है जो बहुत ही शक्तिशाली ढंग से मनुष्य पर वार करती है। एक ही समय पर यह वायरस दर्जनों लोगों को अपनी लपेट में ले लेता है। 

स्वास्थ्य विभाग कर रहा है कागजों में तैयारियां

स्वाइन फ्लू की दस्तक के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कागजों में तैयारियां करनी शुरू कर दी हैं। विभाग की सचिव अंजलि भावरा के नेतृत्व में अमृतसर के अधिकारियों की डी.सी. कार्यालय में हुई वीडियो काङ्क्षलग में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए योजना बनाई गई है। अधिकारियों को वायरस से निपटने के लिए कमर कसने के लिए कहा गया है, परन्तु अफसोस की बात है कि न तो टैस्ट के लिए विभाग मैडीकल कालेजों को किट उपलब्ध करवा पाया है और न ही वायरस की रोकथाम के लिए कोई ठोस प्रयास कर सका है। 

राष्ट्रीय लैब किट न होने के कारण बेबस 

केंद्र सरकार के इंडियन कौंसिल आफ मैडीकल रिसर्च द्वारा सरकारी मैडीकल कालेज अमृतसर सहित 2 अन्य लैबों को राष्ट्रीय लैब घोषित किया गया है। अमृतसर की लैब में पी.जी.आई., जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा आदि के टैस्ट होते हैं, परन्तु अफसोस की बात है कि अब स्वाइन फ्लू की दस्तक के बाद किट न होने के कारण राष्ट्रीय लैब की मशीनें धूल फांक रही हैं।  

अमृतसर में मिले थे 50 संदिग्ध मरीज 
स्वाइन फ्लू के फैलने का चाहे ठंड में ज्यादा खतरा होता है, परन्तु इस बार जुलाई-अगस्त के महीनों में ही इसने अपना भयानक रूप पंजाब निवासियों को दिखा दिया था। 2 माह के दौरान अमृतसर में 50 के करीब स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज सामने आए हैं। मैडीकल कालेज अमृतसर में स्वाइन फ्लू की 2 किट ही उस समय उपलब्ध थे। 50 टैस्ट के बाद स्वाइन फ्लू के टैस्ट यहां की लैब में नहीं हो सके। 

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