स्मॉग का प्रकोप घटा, ठंड का बढ़ा

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Wednesday, November 15, 2017-12:22 PM

अमृतसर(दलजीत): शहर में तेज हवाओं के साथ कई स्थानों पर तेज बारिश हुई, जिसके चलते जहां ठंड का प्रकोप बढ़ गया है, वहीं आने वाले दिनों में स्मॉग पूरी तरह से खत्म होने की संभावना है। जानकारी के अनुसार धुंध, धुएं की राख व धूल, मिट्टी से बने स्मॉग से वातावरण प्रदूषित हो रहा था। स्मॉग में सल्फर डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनोआक्साइड, मिथेन आदि गैसों का मिश्रण होने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही थी।

वातावरण में पहले की भांति अब कुछ प्रतिशत ही स्मॉग का असर देखने को मिल रहा है। पहली बार इतने बड़े स्तर पर स्मॉग फैलने से लोग परेशान व दहशत में थे। पर्यावरण की सबसे निचली परत जिसे ताजी हवा के लिए जाना जाता है, पर स्मॉग ने कब्जा किया हुआ था। आज चली तेज हवाओं व हलकी बारिश ने स्मॉग के असर को कम कर दिया है। स्मॉग के कारण पैदा हुआ प्रदूषण बिखर गया है। मौसम के करवट लेते ही आने वाले दिनों में होने वाली बरसात से स्मॉग बिल्कुल खत्म हो जाएगी। 

स्मॉग के कारण बढ़ा मरीजों में अटैक 
स्मॉग के कारण जो मरीज पहले दमे की बीमारी से पीड़ित थे, उनमेंदमा की शिकायत बढ़ी है। उनको सांस लेने में दिक्कत व दमा के दौरे पड़े। बच्चे और बुजुर्गों की संख्या अस्पताल में काफी अधिक हो गई।  

क्या अंतर है स्मॉग व धुंध में
स्मॉग विषैली गैसों जबकि धुंध पानी से बनती है, दोनों में ही काफी अंतर है। जिले के सरकारी टी.बी. अस्पताल, सिविल अस्पताल आदि का ‘पंजाब केसरी’ की टीम ने आज जब दौरा किया तो देखा कि स्मॉग के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ था।  

लोगों को अब बारिश का इंतजार  
स्मॉग का प्रभाव तेज हवाओं के चलते कम हो गया है। लोगों को अब बारिश का इंतजार है। बारिश के बाद वातावरण की निचली परत स्मॉग से पूरी तरह से मुक्त हो जाएगी। गांवों का वातावरण खुला होने के कारण ज्यादातर स्मॉग शहरी क्षेत्र में अपना प्रभाव दिखाती है। पहली बार इतने बड़े स्तर पर प्रदूषण फैलने के कारण स्मॉग ने अपना असर दिखाया है। 

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