शरारती तत्वों का कारनामा, संत बाबा जसपाल सिंह को बनाया बंधक

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Friday, November 10, 2017-7:18 AM

जालंधर (महेश): निर्मल कुटिया जौहलां के सहायक प्रमुख संत बाबा जसपाल सिंह को वीरवार निर्मल कुटिया में उनके कमरे को बाहर से ताला लगाकर बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। संत बाबा जसपाल सिंह ने खुद यह आरोप लगाते हुए कहा है कि कुछ शरारती तत्व ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर निर्मल कुटिया का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।

ऐसी किसी घटना से संत बाबा जीत सिंह ने किया इंकार
निर्मल कुटिया के मौजूदा प्रमुख संत बाबा जीत सिंह की तरफ से उनके एक श्रद्धालु पूर्व पुलिस अधिकारी कमांडैंट देवेन्द्र सिंह ने ऐसी किसी घटना से इन्कार किया है और कहा है कि संत बाबा जसपाल सिंह आज सुबह उस समय संत बाबा जीत सिंह के साथ मौजूद थे जब श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह संत बाबा बसंत सिंह व संत बाबा ज्ञान सिंह की बरसी समारोह में भाग लेने के लिए निर्मल कुटिया में पहुंचे। उनके जाने के बाद किसी कारण वह अपने कमरे में खुद ही चले गए। कमांडैंट देवेन्द्र सिंह ने कहा कि संत बाबा जसपाल सिंह को बंधक बनाए जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। 

2 संतों की परम्परा को खत्म करने की कोशिश
निर्मल कुटिया जौहलां में शुरू से 2 संतों के पास कमान रही है। एक बड़े संत और दूसरे छोटे संत, लेकिन अब इस परम्परा को खत्म करने की शरारती तत्वों द्वारा कोशिश की जा रही है। निर्मल कुटिया के मौजूदा प्रमुख संत बाबा जीत सिंह के सहायक प्रमुख संत बाबा जसपाल सिंह को आज बंधक बनाना भी इसी का ही एक हिस्सा माना जा रहा है। निर्मल कुटिया के इतिहास में पहले संत बाबा बसंत सिंह के साथ संत बाबा ज्ञान सिंह होते थे। संत बाबा बसंत सिंह के ब्रह्मलीन हो जाने के बाद संत बाबा ज्ञान सिंह के साथ संत बाबा हरभजन सिंह हुआ करते थे।

संत बाबा ज्ञान सिंह के ब्रह्मलीन होने पर संत बाबा हरभजन सिंह के साथ संत बाबा जीत सिंह थे। संत बाबा हरभजन सिंह के ब्रह्मलीन होने के बाद संत बाबा जीत सिंह के साथ अब संत बाबा जसपाल सिंह सहायक के रूप में हैं। 


पिछले करीब 3 साल से किया जा रहा है परेशान : संत बाबा जसपाल सिंह
संत बाबा जसपाल सिंह ने अपने मोबाइल नं. पर बातचीत करते हुए बताया कि उन्हें पिछले करीब 3 साल से परेशान किया जा रहा है और यह काम निर्मल कुटिया में बेतुकी दखलअंदाजी करने वाले कुछ शरारती तत्वों का है। उन्होंने कहा कि वह संत बाबा जीत सिंह का पूरा सम्मान करते हैं लेकिन कुछ लोग उन दोनों के बीच विवाद पैदा करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि शरारती तत्व उन्हें निर्मल कुटिया से बाहर निकालने के प्रयास कर रहे हैं। आज उनको बंधक बनाया जाना भी इसी का ही एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अगर शरारती तत्वों को कुटिया से बाहर का रास्ता न दिखाया गया तो आने वाले समय में इसका असर कुटिया में आने वाली संगत पर पड़ सकता है और माहौल ज्यादा भी खराब हो सकता है। संत बाबा जसपाल सिंह का तो यह भी कहना था कि आज उन्हें किसी से मिलने भी नहीं दिया गया। रात को भी वह अपने कमरे में ही थे और बाहर से ताला लगा हुआ था। प्रशासन में ऐसी सूचना मिलने पर हलचल मच गई और सी.आई.डी. के मुलाजिम इस संबंधी जानकारी लेने के लिए निर्मल कुटिया पहुंच गए, लेकिन उन्हें भी ऐसा ही कहा गया कि सब कुछ ठीक है, कुछ भी नहीं हुआ है। 

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