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जमानत पर आए गगू गैंग ने जून 2017 में हत्या कर धूरी रेलवे लाइनों पर फैंका था दीपक का शव

  • जमानत पर आए गगू गैंग ने जून 2017 में हत्या कर धूरी रेलवे लाइनों पर फैंका था दीपक का शव
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Saturday, January 20, 2018-11:02 AM

लुधियाना (ऋषि): 6 जून 2017 को धूरी रेलवे लाइनों पर मृत मिले ई.डब्ल्यू.एस. कालोनी के रहने वाले दीपक कुमार (30) ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी हत्या कर गगू गैंग के 6 मैंबरों ने शव फैंका था। जी.आर.पी. ने बहन सुनीता के बयान पर एक्सीडैंट मानकर धारा 174 की कार्रवाई कर फाइल बंद कर दी थी, जबकि सी.आई.ए.-1 के इंस्पैक्टर प्रेम सिंह ने सूझबूझ दिखाते हुए एम.एल.आर. के आधार पर 7 महीने बाद ब्लाइंड मर्डर सॉल्व कर दिया। 

पुलिस ने हत्या करने वाले गगू गैंग के 3 मैंबरों को गिरफ्तार कर थाना शिमलापुरी में धारा 302, 364, 201, 148, 149 के तहत केस दर्ज किया है। जबकि सरगना अपने एक साथी के साथ जेल में बंद है जिन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा और 1 मैंबर फरार है। उपरोक्त खुलासा डी.सी.पी. क्राइम गगन अजीत सिंह और ए.डी.सी.पी. क्राइम रतन सिंह बराड़ ने शुक्रवार को पत्रकार सम्मेलन दौरान किया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान रछपाल सिंह निवासी डाबा, गुरबख्श सिंह निवासी गिल रोड, अंकुश कुमार निवासी दशमेश नगर, जेल में बंद सरगना गगनदीप सिंह और काली व फरार की पहचान रोहित के रूप में हुई है। सभी की आयु 30 से 32 वर्ष के मध्य है और सभी नशा करने के आदी हैं, सभी के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में 1 दर्जन के करीब लूटपाट, हत्या, हत्या के प्रयास, चोरी, नशा तस्करी के केस दर्ज हैं। पुलिस ने उनसे वारदात में प्रयोग किए गए 3 दातर, लोहे की तार और एक स्कूटर बरामद कर लिया है, जबकि 2 बाइक अभी मिलने बाकी हैं। पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर गहनता से पूछताछ करेगी।  

शराब पीने के बहाने दाना मंडी बुलाया 
इंस्पैक्टर प्रेम सिंह ने बताया कि हत्यारे और दीपक एक-दूसरे को जानते थे, हत्यारों की तरफ से एक चोरी की गई थी, जिसमें पुलिस ने थाना शिमलापुरी में केस दर्ज किया था और दीपक ने ही उनके बारे पुलिस को जानकारी मुहैया करवाई थी। पकड़े जाने के बाद वे जेल चले गए और जमानत पर आकर दीपक से रंजिश रखने लग पड़े और उसकी हत्या करने का प्लान बनाया। 5 जून 2017 को शाम 7.30 बजे गुरबख्श ने फोन कर दीपक को शराब पीने के लिए दाना मंडी बुलाया, जहां पर सभी ने पहले शराब पी, जिसके बाद गैंग ने तेजधार हथियार से दीपक के सिर पर कई वार किए और लहूलुहान अवस्था में उसे रेलवे लाइनों पर बेहोशी की हालत में फैंक आए।
 
एम.एल.आर. से हुआ चोटों का खुलासा
इंस्पैक्टर प्रेम के अनुसार जब केस फाइल उनके पास आई तो एम.एल.आर. देखने पर पता चला कि दीपक के शरीर पर 8 से ज्यादा चोटों के निशान थे, जिनमें कई चोटें तेजधार हथियारों से मारी गई थीं। पुलिस के अनुसार आरोपी इतने शातिर हैं कि पुलिस को गुमराह करने के लिए रेलवे लाइनों पर शव फैंककर गए थे, ताकि मामला आत्महत्या का लगे। 

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