माघी मेला तख्तूपुरा:गुरुद्वारा कमेटी व प्रशासन हुए आमने-सामने, स्थिति तनावपूर्ण

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Sunday, January 14, 2018-8:38 AM

निहाल सिंह वाला/बिलासपुर (बावा/जगसीर): 40 मुक्तों की याद में शुरू हुआ ऐतिहासिक जोड़ मेला तख्तूपुरा में मेले से एक दिन पहले ही प्रशासन ने गुरुद्वारा कमेटी पर मेले की मंजूरी न लेने का आरोप लगा दिया और तुरंत मंजूरी लेने के लिए 1 लाख रुपए की फीस जमा करवाने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद समूह लोकल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं प्रशासनिक अधिकारी आमने-सामने हो गए जिससे स्थिति तनावपूर्ण बन गई।ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर भाई राजेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रशासन आज एस.डी.एम. के नेतृत्व में तख्तूपुरा साहिब मेले में बने प्रशासन के हैड क्वार्टर पर पहुंचे तथा उन्होंने उनको व गुरुद्वारा कमेटी को अपने पास बुलाकर कहा कि वे मेले की मंजूरी के लिए 1 लाख रुपए की रैडक्रॉस की फीस की पर्ची कटवाएं। इस पर विरोध करते हुए कहा कि मेले की जगह गुरुद्वारा साहिब की निजी जगह है तथा यह मेला धार्मिक है।

गुरुद्वारा कमेटी द्वारा जवाब मिलने पर प्रशासन ने धक्के से दुकानदारों की रैडक्रॉस की पॢचयां काटनी शुरू कर दीं तथा कुछ दुकानों के आगे पर्दे डालकर बंद भी कर दिया गया, जिसका गुरुद्वारा कमेटी द्वारा भाई राजेन्द्र सिंह व अन्य सेवादारों ने विरोध किया तो प्रशासनिक अधिकारियों के मुलाजिम मौके से भाग गए। भाई मैनेजर राजेन्द्र सिंह, अध्यक्ष करनैल सिंह, उपाध्यक्ष हरनेक सिंह, अध्यक्ष हरमेल सिंह बुट्टर, हरदेव सिंह, रणधीर सिंह, सर्बजीत सिंह, जसवीर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन के रैडक्रॉस नशा छुड़ाओ केन्द्र के लिए गुरुद्वारा साहिब द्वारा पिछले 4 वर्षों से रोजाना लंगर की सेवा की जा रही है तथा अन्य संस्थाओं के लिए भी यह सेवा जारी है। वहीं पीड़ित दुकानदारों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी धक्के से रैडक्रॉस की पॢचयां काटीं।

प्रशासन से कोई मंजूरी नहीं ली
एस.डी.एम. निहाल सिंह वाला अमरवीर सिंह ने कहा कि मेले के लिए प्रशासन से कोई मंजूरी नहीं ली गई। उन्होंने कानून अनुसार ही मंजूरी के लिए 1 लाख रुपए फीस की मांग की है तथा 1 लाख रुपए की रैडक्रॉस की फीस की पर्ची काटकर दी जाएगी।

मेले बंद करवाने के लिए कांग्रेस सरकार अपना रही ऐसे हथकंडे
एस.जी.पी.सी. सदस्य जत्थेदार जुगराज सिंह दौधर ने कांग्रेस सरकार के सिख विरोधी रवैये की सख्त शब्दों में निंदा करते कहा कि पहले श्री अकाल तख्त पर हमला करवाकर तथा सिख दंगे करवाकर कांग्रेस सरकार को सबर नहीं आया तथा अब ऐतिहासिक जोड़ मेले बंद करवाने के लिए कांग्रेस सरकार ऐसे हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक जोड़ मेले के लिए 1 लाख रुपए रैडक्रॉस तहत मांगने वाले अफसरों की जांच होनी चाहिए कि वह किस आका के कहने पर ऐसा कर रहे हैं तथा आरोपियों के खिलाफ बनती कार्रवाई होनी चाहिए।

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