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कैसी पाबंदी, शहर में धड़ल्ले से रोजाना बिक रही है 100 पेटी ड्रैगन डोर

  • कैसी पाबंदी, शहर में धड़ल्ले से रोजाना बिक रही है 100 पेटी ड्रैगन डोर
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Friday, January 12, 2018-1:27 PM

जालंधर(राज): भारत भर में मनाया जाने वाला प्रसिद्ध त्योहार लोहड़ी आने वाला है। इस त्यौहार पर  बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक पतंग उड़ाने को शगुन मानते हैं। कई दशक पहले लोग पतंगें उड़ाने के लिए धागे की डोर का इस्तेमाल करते थे, मगर पिछले कुछ सालों से इसकी जगह ड्रैगन डोर ने ले ली है क्योंकि इसमें आय का मार्जन काफी है। 
इसकी डिमांड भी अधिक है।

इस पूरे धंधे को ड्रैगन डोर के माफिया ने अपने कब्जे में ले रखा है। पाबंदी के बावजूद शहर में रोजाना 100 पेटी से ’यादा चाइना डोर बिक रही है।  ड्रैगन डोर को बेहद सस्ते भाव में लाकर स्थानीय बाजार में ब्लैक में बेचा जा रहा है। इसको पकडऩे के लिए चाहे पुलिस कई दुकानों पर दबिश दे चुकी है, मगर अभी तक पुलिस के हाथ खाली ही हैं। इस ड्रैगन डोर से रोजाना कई कीमती जानें केवल शहर में नहीं, बल्कि आसपास के कस्बों में जा चुकी हैं। बावजूद इसके इस डोर का धंधा करने वाला माफिया अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रहा। 

शहर की ट्रांसपोर्ट द्वारा दिल्ली के अलावा अन्य बड़े शहरों से धड़ल्ले से रोजाना सैंकड़ों पेटी ड्रैगन डोर  शहर में पहुंचाई जा रही है। मगर न तो पुलिस और न ही अन्य विभाग इनके प्रति सख्ती कर सका है। वहीं पूरे शहर के कमिश्नरेट थानों में सरेआम पुलिस की नाक के नीचे इस डोर को बेचा जा रहा है। पुलिस का बस यही कहना है कि हमें और भी बहुत काम हैं। अब ड्रैगन डोर को कौन पकडऩे जाए? पुलिस की इस लीपापोती व लापरवाही भरे रवैये के कारण ही शहर में इस धंधे में शामिल माफिया सरकारी आदेशों को हवा में उड़ा रहा है। 

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