पंजाब रोडवेज डिपो की खंडहर बन चुकी इमारत के चलते घट सकता है बड़ा हादसा

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Monday, January 08, 2018-12:29 PM

श्री मुक्तसर साहिब(तनेजा): भले ही पंजाब सरकार अन्य कार्यों पर लाखों-करोड़ों रुपए की ग्रांट खर्च कर देती है परन्तु पंजाब रोडवेज श्री मुक्तसर साहिब डिपो की इमारत बिल्कुल खंडहर बन चुकी है। यह जर्जर हालत में पहुंच चुकी इमारत की तरफ पंजाब सरकार ध्यान ही नहीं दे रही जबकि इसकी खस्ताहालत के चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा घट सकता है तथा डिपो के अंदर कार्य कर रहे कर्मचारियों का जानी नुक्सान भी हो सकता है। इसके अतिरिक्त पंजाब रोडवेज का उक्त डिपो कई कमियों का शिकार है परन्तु इसके बावजूद भी उक्त डिपो निरंतर लाभ की तरफ अग्रसर हो रहा है। रोडवेज के इस डिपो बारे ‘पंजाब केसरी’ की तरफ से इस सप्ताह विशेष रिपोर्ट तैयार की गई है। 

बसों की रिपेयर हेतु हैं 70 कर्मचारी
पंजाब रोडवेज, पनबस व मिनी बसों को चलाने के लिए डिपो के पास 137 चालक व 152 परिचालक कार्य कर रहे हैं। श्री मुक्तसर साहिब डिपो की बसें पंजाब के सभी बड़े शहरों के अतिरिक्त अन्य पड़ोसी राज्यों जैसे हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हिमाचल, यू.पी. व उत्तराखंड आदि को भी जाती हैं। बसों की रिपेयर के लिए स्पेयर पाटर््स का सामान जरूरत के अनुसार मिल रहा है जबकि कुछ सामान लोकल स्तर पर भी मुहैया हो जाता है। पहले सरकारी बसों में डीजल बाहर से प्राइवेट पैट्रोल पम्पों से भरवाया जाता था जबकि अब सभी बसों में डीजल डालने की सुविधा डिपो के अंदर ही लगे पैट्रोल पम्प से दी जा रही है। वर्कशॉप के अंदर बसों की रिपेयर करने के लिए 70 के करीब कर्मचारी हैं जो अलग-अलग कार्यों में माहिर हैं तथा प्रतिदिन बसों की देखभाल होती रहती है। 

इमारत के लिए मांगी 5 करोड़ रुपए ग्रांट
पंजाब रोडवेज के जनरल मैनेजर चरनजीत सिंह बराड़ ने बताया कि वर्कशॉप की नई इमारत बनाने के लिए सरकार को लिखकर भेजा हुआ है तथा 5 करोड़ रुपए ग्रांट की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि कार्यालय की इमारत भी 1977 में बनाई गई थी। इस इमारत को नया बनाया जाना चाहिए। वर्कशॉप के भीतर बहुत ज्यादा पेड़ व घास-फूस उगा पड़ा है जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे कोई जंगल हो। इस स्थान को साफ-सुथरा बनाए जाने की बेहद जरूरत है।  

माघी मेले पर चलाई जाएंगी स्पैशल बसें
 ऐतिहासिक माघी मेले को ध्यान में रखते हुए पंजाब रोडवेज श्री मुक्तसर साहिब डिपो की तरफ से भी दूर-दराज से आने वाली संगत को लाने के लिए उचित प्रबंध किए जा रहे हैं तथा मेले दौरान रोडवेज की स्पैशल बसें चलाई जाएंगी। रोडवेज के जनरल मैनेजर चरनजीत सिंह बराड़ व एस.एस.आई. प्रीतम सिंह ने बताया कि माघी मेले दौरान पंजाब रोडवेज की एक भी बस को वर्कशॉप के भीतर रोका नहीं जाएगा तथा सभी बसों को रूटों पर भेजा जाएगा ताकि अधिक से अधिक संगत श्री मुक्तसर साहिब पहुंच सके।

प्रतिदिन होती है 7 से 8 लाख रुपए की कमाई 
पंजाब रोडवेज श्री मुक्तसर साहिब डिपो के पास इस समय कुल 118 बसें हैं। इनमें से 71 पनबसें, 34 रोडवेज की बसें, 5 ग्रामीण सेवा वाली मिनी बसें, 7 किलोमीटर स्कीम वाली बसें जबकि एक वाल्वो बस है। श्री मुक्तसर साहिब के उक्त डिपो की बसें प्रतिदिन लगभग 7 से 8 लाख रुपए की कमाई करती हैं। पनबसें अधिक कमाई कर रही हैं। मिनी बसें भी कमाई कर रही हैं जबकि रोडवेज की बसें थोड़ी घाटे में चल रही हैं। पंजाब रोडवेज के अधिकारियों ने पंजाब सरकार को पत्र भेजकर मांग की है कि उक्त डिपो हेतु 34 नई बसें भेजी जाएं ताकि लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सके।

कई स्थानों पर गिरी चारदीवारी
वर्कशॉप के भीतर जो शैड व कमरे बने हुए हैं उनकी हालत बेहद खस्ता बनी हुई है तथा किसी भी समय यह इमारत गिर सकती है। जिस कारण इस डिपो के अंदर कार्य करने वाले कर्मचारियों का नुक्सान हो सकता है। जिस स्थान पर बसों की धुलाई की जाती है, वह कमरा भी गिरने की कगार पर है। कमरों की छतों में बड़े-बड़े छेद हैं। डिपो के बाहर जो चारदीवारी है उसकी हाल बेहद खस्ता है। कई स्थानों से चारदीवारी गिर चुकी है। सुरक्षा पक्ष को लेकर नई चारदीवारी ऊंची करने की जरूरत है। 

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