बेरोजगारी के ग्रहण से अाज भी जूझ रहा है सुनाम हलका

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Tuesday, January 03, 2017-10:52 AM

संगरूरः  सुनाम की पहचान महान शहीद ऊधम सिंह से है। विधानसभा क्षेत्र ने परमिंदर सिंह ढींडसा के रूप में पंजाब की सिसायत को सबसे युवा वित्त मंत्री दिया। कई और भी दिग्गज नेता दिए, लेकिन इस क्षेत्र के सिर से बेरोजगारी का साया नहीं हटा। विधानसभा क्षेत्र के 67 फीसद पढ़े-लिखे युवा बेरोजगार हैं। सितंबर 2000 के उपचुनाव से लेकर 2012 तक हुए चार विस चुनाव में ढींडसा विजयी रहे, लेकिन क्षेत्र की समस्याओं में कोई खास सुधार नहीं हुआ।

लोकसभा चुनाव के दौरान सुनाम हलके में शिअद का प्रदर्शन खराब रहा  इसलिए इस बार ढींडसा को अकाली दल ने लहरागागा से चुनावी अखाड़े में उतारा है। वहां उनका मुकाबला कांग्रेस की दिग्गज नेता राजिंदर कौर भट्ठल और आप के जसबीर सिह कुडानी से होगा।

रोचक पहलू यह है कि विरोधी दल वित्त मंत्री ढींडसा के हलका बदलने को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं। उनकी जगह से सुनाम से धूरी के विधायक गोबिंद सिंह लोंगोवाल को उतारा गया है। इलाके के कई कद्दावर नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा, पूर्व मंत्री भगवान दास अरोड़ा और वित्तमंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा जैसे बड़े नाम हलके में रोजगार के साधन पैदा करने में नाकाम रहे। 

शिक्षित नौजवान बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और लंबे समय से किसी बड़ी इंडस्ट्री की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा सफाई की अव्यवस्था, नाजायज कब्जों व बस स्टैंड की दयनीय स्थिति से लोग परेशान हैं।
 
पांच साल में सुनाम क्षेत्र पर करीब 100 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इस राशि से सरकारी कॉलेज, गल्र्स स्कूल, स्टेडियम व पुराने अस्पताल की नुहार बदली गई। शहीद की कांस्य प्रतिमा लगाने, शहीद की यादगार बनाने व पानी निकासी का ठोस प्रबंध करने की दिशा में कुछ कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की लिंग सड़कों से लेकर मुख्य मार्गों को संवारा गया है।

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